भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 43 अंक और निफ्टी 13 अंक चढ़ा, जबकि PSU बैंक शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सुबह के सत्र में लाल निशान में जाने के बाद घरेलू बाजार ने दिन के दूसरे हिस्से में वापसी की और सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। वित्तीय शेयरों, रियल्टी सेक्टर और कुछ दिग्गज कंपनियों में खरीदारी ने बाजार को संभालने में मदद की, जबकि PSU बैंक और कुछ इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में तेज गिरावट ने बढ़त को सीमित रखा। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर बनी हुई है, क्योंकि इनसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति के संकेत मिल सकते हैं। वहीं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बाजार में जोखिम लेने की क्षमता सीमित रही।
सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 78,542.44 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 78,676.98 का ऊपरी स्तर और 78,298.92 का निचला स्तर छुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 13.15 अंक यानी 0.05 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,583.80 पर बंद हुआ। हालांकि दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे, लेकिन पूरे सत्र में बाजार की चाल काफी अस्थिर रही। India VIX, जो बाजार में अस्थिरता का प्रमुख संकेतक माना जाता है, 0.49 फीसदी बढ़कर 12.22 पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों में अभी भी सावधानी बनी हुई है।
वित्तीय और रियल्टी शेयरों ने संभाला बाजार
सुबह बाजार में कमजोरी के बाद वित्तीय शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को रिकवरी करने में मदद मिली। Nifty Financial Services इंडेक्स 0.30 फीसदी चढ़ा, जबकि Nifty Private Bank में 0.52 फीसदी की तेजी रही। रियल्टी शेयरों ने बाजार में शानदार प्रदर्शन किया और Nifty Realty इंडेक्स 1.35 फीसदी उछल गया। इसके अलावा Consumer Durables इंडेक्स में 0.36 फीसदी की बढ़त रही। IT, Metals और Media सेक्टर भी सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। इससे पता चलता है कि बाजार में चुनिंदा सेक्टर और शेयर निवेशकों की पसंद बने रहे।
मिडकैप शेयरों में भी मजबूती
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो मिडकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 में 0.61 फीसदी, Nifty Midcap 50 में 0.70 फीसदी और Nifty Midcap Select में 0.58 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि Smallcap शेयरों में समान मजबूती नहीं दिखाई दी। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 0.23 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इससे बाजार में मिश्रित भागीदारी का संकेत मिलता है, जहां निवेशक बड़े और चुनिंदा मिडकैप शेयरों पर अधिक भरोसा करते नजर आए।
PSU बैंक सबसे बड़े कमजोर सेक्टर
सोमवार के कारोबार में PSU बैंक शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। Nifty PSU Bank इंडेक्स में 1.68 फीसदी की गिरावट आई और यह दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा Healthcare, Pharma, Oil & Gas, FMCG और Auto इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक शेयरों में कमजोरी का बाजार की व्यापक तेजी पर असर पड़ा और इसी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त काफी सीमित रही।
Titan सबसे बड़ा सेंसेक्स गेनर
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में Titan ने शानदार प्रदर्शन किया और 3.14 फीसदी की तेजी के साथ दिन का सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके बाद Bajaj Finance में 1.93 फीसदी, Tata Steel में 1.17 फीसदी, Asian Paints में 0.92 फीसदी, Bajaj Finserv में 0.90 फीसदी और Infosys में 0.80 फीसदी की बढ़त रही। दूसरी तरफ State Bank of India में 2.25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Eternal 1.57 फीसदी, NTPC 1.52 फीसदी, ITC 1.23 फीसदी, Tech Mahindra 1.08 फीसदी और Bharti Airtel 1.04 फीसदी गिरकर बंद हुए।
US महंगाई आंकड़ों पर बाजार की नजर
अब निवेशकों का मुख्य फोकस अमेरिका के आगामी Consumer Inflation Data पर है। इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को दिशा मिल सकती है। हाल में अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों ने फेड की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाओं को कुछ कम किया है। अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अगर महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं और बॉन्ड यील्ड पर दबाव आता है, तो उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना बन सकती है।
कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव बना जोखिम
बाजार के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। क्रूड ऑयल करीब 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार में मजबूत घरेलू ग्रोथ और अर्थव्यवस्था की मजबूती निवेशकों के भरोसे को सहारा दे रही है। कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और आने वाले दिनों में US inflation data, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेश और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।