भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त रिकवरी। बैंकिंग सेक्टर के दम पर निफ्टी और सेंसेक्स ने संभाला खुद को। जानें आईटी शेयरों में गिरावट की वजह और बाजार का हाल।
बुधवार का भारतीय शेयर बाजार एक अत्यधिक अस्थिर सत्र का गवाह बना। दिन की शुरुआत में बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशक घबरा गए थे, लेकिन दोपहर के बाद बाजार ने जोरदार रिकवरी की। बैंकिंग क्षेत्र में आई खरीदारी के चलते बेंचमार्क सूचकांकों ने अपने शुरुआती नुकसान का एक बड़ा हिस्सा भरपाई कर लिया। हालांकि, दिन के अंत में बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव
सेंसेक्स 303.67 अंक (0.41%) गिरकर 74,346.17 पर और निफ्टी 50 सूचकांक 77.95 अंक (0.33%) गिरकर 23,405.60 पर बंद हुआ। बाजार की रिकवरी की कहानी काफी प्रभावशाली रही, क्योंकि निफ्टी एक समय इंट्राडे में 23,151.50 के निचले स्तर तक चला गया था, जबकि सेंसेक्स 73,492.60 तक लुढ़क गया था। दोपहर 12 बजे के बाद प्रमुख सपोर्ट लेवल के आसपास खरीदारों के उभरने से दोनों सूचकांकों में भारी उछाल आया, जिसने बाजार को और बड़ी गिरावट से बचा लिया।
बैंकिंग सेक्टर बना रिकवरी का सारथी
बाजार में आई इस रिकवरी का मुख्य श्रेय बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स को जाता है। निफ्टी बैंक इंडेक्स अपने इंट्राडे निचले स्तर से 1,150 अंकों से अधिक की रिकवरी के साथ 0.88% बढ़कर 54,185.95 पर बंद हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.70% और निफ्टी पीएसयू (PSU) बैंक इंडेक्स में 1.70% की शानदार बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स के शेयरों में एसबीआई (SBI) 1.64% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके अलावा इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक ने भी बाजार को सहारा दिया।
IT सेक्टर में भारी गिरावट का दबाव
दूसरी ओर, आईटी (IT) शेयरों में हुई भारी बिकवाली पूरे सत्र के दौरान बाजार पर हावी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.57% लुढ़क गया। हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) करने से आईटी शेयरों में हाहाकार मच गया। टीसीएस (TCS) 8.30%, टेक महिंद्रा 6.37%, एचसीएल टेक 5.37% और इंफोसिस 4.07% की गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी सेक्टर में आई इस बड़ी गिरावट ने बैंकिंग शेयरों की बढ़त को बेअसर कर दिया, जिससे बेंचमार्क सूचकांक सकारात्मक दायरे में नहीं पहुंच सके।
ब्रॉडर मार्केट और हेल्थकेयर का प्रदर्शन
बेंचमार्क सूचकांकों के विपरीत, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने काफी लचीलापन दिखाया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में मात्र 0.11% की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 और माइक्रोकैप 250 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए, जो खुदरा निवेशकों की निरंतर भागीदारी को दर्शाता है। इसके साथ ही, हेल्थकेयर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली; निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स 0.54% चढ़कर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट और ‘लिवलॉन्ग वेल्थ’ के संस्थापक हरीप्रसाद के. के अनुसार, बाजार में यह अस्थिरता भू-राजनीतिक चिंताओं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण थी। उन्होंने कहा, “दोपहर 12 बजे के बाद बाजार का मिजाज बदला। जब सूचकांक 23,150–23,200 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के करीब पहुंचे, तो मजबूत खरीदारी हुई, जिससे शॉर्ट-कवरिंग शुरू हुई और बाजार रिकवर हुआ।”
आईटी सेक्टर की गिरावट पर हरीप्रसाद ने कहा कि तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने सतर्कता बरती है। अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने की चिंता, धीमी टेक-स्पेंडिंग और एआई (AI) आधारित ऑटोमेशन के भविष्य पर पड़ रहे असर को लेकर निवेशक अनिश्चित हैं। उन्होंने कहा कि टीसीएस जैसी कंपनियों में गिरावट यह बताती है कि संस्थागत निवेशक अब वैल्युएशन को लेकर अधिक सतर्क हैं।
आगे की राह और निवेशकों के लिए सतर्कता
बाजार का डर सूचकांक ‘इंडिया VIX’ आज 6% चढ़कर 16.28 पर बंद हुआ, जो स्पष्ट करता है कि निवेशकों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के चलते बाजार में अभी अस्थिरता बनी रह सकती है। आने वाले सत्रों में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सेक्टर में निवेश करने से पहले वैश्विक संकेतों और संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) के रुख पर कड़ी नजर रखें। हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में मजबूती एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन आईटी सेक्टर में स्थिरता आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।