SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को Finfluencers, अनजान टिप्स और ज्यादा रिटर्न के दावों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने विनियमित प्लेटफॉर्म से निवेश पर जोर दिया।
भारतीय पूंजी बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को सोशल मीडिया पर मिलने वाली निवेश सलाह और बिना पहचान वाले स्रोतों से आने वाली टिप्स को लेकर सावधान किया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि वे निवेश से जुड़े फैसले लेते समय केवल विनियमित उत्पादों, प्लेटफॉर्म और संस्थाओं पर भरोसा करें।
तुहिन कांत पांडे ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में SEBI के ‘Project Jagrook’ की शुरुआत के मौके पर निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सोशल मीडिया पर मिलने वाली सिफारिशों, अनाम टिप्स और अत्यधिक रिटर्न का दावा करने वाले लोगों के प्रभाव में आकर निवेश नहीं करना चाहिए। उनका जोर निवेशकों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और उन्हें निवेश से जुड़े जोखिमों को समझने पर रहा।
Finfluencers और Anonymous Tips से सावधान रहने की सलाह
SEBI चेयरमैन ने निवेशकों को खासतौर पर Finfluencers यानी सोशल मीडिया के जरिए निवेश संबंधी सलाह देने वाले लोगों से सावधान रहने की सलाह दी। आज के दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय उत्पादों से जुड़े कई तरह के दावे किए जाते हैं। कई बार निवेशकों को कम समय में बहुत अधिक रिटर्न का लालच भी दिया जाता है।
तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को ऐसे दावों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अनाम स्रोतों से मिलने वाली टिप्स या सोशल मीडिया पर लोकप्रिय लोगों की सिफारिशों के आधार पर अपना पैसा नहीं लगाना चाहिए। निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि पैसा किस उत्पाद में और किस जोखिम के साथ लगाया जा रहा है।
केवल Regulated Products और Platforms का करें इस्तेमाल
SEBI चेयरमैन ने निवेशकों से अपील की कि वे केवल विनियमित वित्तीय उत्पादों, प्लेटफॉर्म और संस्थाओं के माध्यम से ही निवेश करें। इसका उद्देश्य निवेशकों को संभावित वित्तीय धोखाधड़ी से बचाना और निवेश प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना है।
उन्होंने निवेशकों को यह समझने की सलाह दी कि किसी भी वित्तीय उत्पाद में पैसा लगाने से पहले उसके नियम, जोखिम और संभावित रिटर्न के बारे में पर्याप्त जानकारी हासिल करना जरूरी है। केवल किसी व्यक्ति की सलाह, सोशल मीडिया पोस्ट या दूसरे निवेशकों को देखकर निवेश करने से वित्तीय नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है।
‘किसी के कहने पर नहीं, समझकर करें निवेश’
तुहिन कांत पांडे ने निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण सिद्धांत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ इसलिए निवेश न करें क्योंकि किसी दूसरे व्यक्ति ने उन्हें ऐसा करने को कहा है या बाकी सभी लोग उसी निवेश में पैसा लगा रहे हैं। निवेश का फैसला तभी लेना चाहिए जब निवेशक उस वित्तीय उत्पाद को अच्छी तरह समझता हो।
इस सलाह का संबंध निवेशकों के बीच बढ़ रहे Herd Behaviour से भी है। जब किसी शेयर या निवेश उत्पाद में बड़ी संख्या में लोग पैसा लगाते हैं तो अन्य निवेशक भी बिना पर्याप्त जानकारी के उसी दिशा में कदम उठा सकते हैं। ऐसी स्थिति में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने पर नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।
जिस Financial Product को समझें, उसी में करें निवेश
SEBI चेयरमैन ने निवेशकों से कहा कि उन्हें उन्हीं वित्तीय उत्पादों में निवेश करना चाहिए जिन्हें वे समझते हैं। हर निवेश विकल्प का अपना जोखिम और रिटर्न प्रोफाइल होता है। इसलिए केवल संभावित मुनाफे को देखकर निवेश करना उचित नहीं है।
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि अधिक रिटर्न की संभावना के साथ कई बार अधिक जोखिम भी जुड़ा होता है। ऐसे में निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
जल्दी शुरुआत और Long-Term Investment पर जोर
तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को जल्दी निवेश शुरू करने और लंबे समय तक निवेशित रहने की सलाह भी दी। लंबे समय तक निवेश करने से बाजार के छोटे समय के उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि किसी भी निवेश में रिटर्न की गारंटी नहीं होती और बाजार जोखिम बना रहता है।
उन्होंने निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में Diversification यानी विविधता बनाए रखने की भी सलाह दी। अलग-अलग तरह के वित्तीय उत्पादों या परिसंपत्तियों में निवेश करने से किसी एक निवेश के खराब प्रदर्शन का पूरे पोर्टफोलियो पर प्रभाव सीमित करने में मदद मिल सकती है।
Project Jagrook का उद्देश्य वित्तीय जागरूकता बढ़ाना
SEBI का Project Jagrook निवेशकों के बीच वित्तीय जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर सामने आया है। इसका उद्देश्य लोगों को निवेश, जोखिम, वित्तीय धोखाधड़ी और सुरक्षित निवेश व्यवहार के बारे में अधिक जानकारी देना है।
खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के बीच ऐसी जागरूकता की जरूरत और बढ़ गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने निवेश से जुड़ी जानकारी तक पहुंच आसान कर दी है, लेकिन इसके साथ गलत जानकारी और भ्रामक दावों का जोखिम भी बढ़ा है। ऐसे में निवेशकों के लिए सही स्रोत की पहचान करना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर SEBI चेयरमैन की सलाह का मुख्य संदेश यही है कि निवेशक किसी के कहने, सोशल मीडिया की लोकप्रियता या जल्द अधिक रिटर्न के लालच में पैसा न लगाएं। निवेश से पहले वित्तीय उत्पाद को समझें, विनियमित संस्थाओं और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें, जोखिम को ध्यान में रखें और लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश की रणनीति बनाएं।