Sawan 2026 Date Calendar: वर्ष 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार व्रत पड़ेंगे। यहाँ देखें सावन सोमवार और मंगला गौरी व्रत की पूरी लिस्ट।
हिंदू सनातन धर्म में आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा महापर्व यानी सावन (श्रावण) का महीना बेहद करीब आ गया है। भगवान शिव के प्रिय इस महीने का इंतजार देश भर के शिव भक्त और कांवड़िए पूरे साल बड़ी बेसब्री से करते हैं। साल 2026 में सावन का महीना आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। इस पावन महीने में चारों तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ की गूंज सुनाई देगी। उत्तर भारत के राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश) में पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार इस साल सावन का प्रारंभ जुलाई के अंत में होने जा रहा है, जिसकी समाप्ति अगस्त में रक्षाबंधन के त्योहार के साथ होगी।
आइए विस्तार से जानते हैं कि इस साल सावन कब से शुरू हो रहा है, जलाभिषेक का क्या महत्व है और इस बार कुल कितने सावन सोमवार के व्रत रखे जाएंगे।
Sawan 2026 Start & End Date: कब से शुरू और कब समाप्त होगा सावन?
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन के महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से होने जा रही है। 30 जुलाई को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ ही शिव भक्ति का यह दौर आरंभ हो जाएगा। वहीं, सावन महीने का समापन 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण पूर्णिमा के दिन होगा। इसी आखिरी दिन देश भर में भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस तरह साल 2026 में सावन का महीना पूरे 30 दिनों का रहने वाला है।
विशेष नोट: दक्षिण भारतीय और पश्चिमी भारतीय राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश) में जहां अमांत पंचांग का पालन किया जाता है, वहां सावन का महीना 13 अगस्त 2026 से शुरू होकर 11 सितंबर 2026 तक चलेगा।
Sawan Somvar Vrat 2026: इस बार पड़ेंगे कुल 4 सावन सोमवार, देखें पूरी लिस्ट
सावन के महीने में सोमवार के व्रत का महत्व सबसे अधिक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार को व्रत रखने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं तुरंत पूरी कर देते हैं। इस साल सावन के 30 दिनों के भीतर कुल 4 सावन सोमवार पड़ रहे हैं। यदि आप भी व्रत रखने का संकल्प ले रहे हैं, तो इन तारीखों को अपने कैलेंडर में जरूर नोट कर लें:
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा व अंतिम सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
इन चारों सोमवारों पर देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी। इसके अलावा, इस साल सावन में 4 मंगला गौरी व्रत भी पड़ेंगे (4, 11, 18 और 25 अगस्त), जो माता पार्वती की कृपा पाने और सुहाग की लंबी उम्र के लिए रखे जाते हैं।
सावन के महीने और सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इसी महीने में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था। यही कारण है कि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए और विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि के लिए सावन सोमवार का व्रत पूरी निष्ठा के साथ रखती हैं।
ज्योतिषविदों के अनुसार, साल 2026 में सावन की शुरुआत सुकर्मा और धृती योग के बेहद शुभ संयोग में हो रही है। इस दौरान किए जाने वाले रुद्राभिषेक से कुंडली में मौजूद राहु-केतु के दोष, कालसर्प दोष और अन्य ग्रहों की बाधाएं दूर होती हैं।
सावन में शिव पूजा और जलाभिषेक की सरल विधि
सावन के दौरान प्रतिदिन या विशेष रूप से सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर हल्के या हरे रंग के साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में दीप जलाकर या पास के शिव मंदिर में जाकर पूजा का संकल्प लें। शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल या शुद्ध जल चढ़ाएं, उसके बाद कच्चा दूध, दही, शहद और घी अर्पित करें।
शिव जी की सबसे प्रिय चीजें—जैसे बेलपत्र (कम से कम 3 या 11), धतूरा, भांग, अक्षत (साबुत चावल), सफेद चंदन और शमी के पत्ते शिवलिंग पर अर्पित करें। पूजा के दौरान निरंतर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का मानसिक जाप करते रहें। अंत में सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करें या सुनें और शिव जी की आरती उतारकर सभी में प्रसाद वितरित करें। इस साधारण विधि से की गई पूजा शिव कृपा दिलाने वाली मानी गई है।