Sawan 2025 में क्यों नहीं होते विवाह? जानें सावन का महत्व, चातुर्मास की वजह और शिव जी को प्रसन्न करने के मंत्र, व्रत विधि और उपाय।
Sawan 2025: इस साल सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई 2025 से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह माह भगवान शिव की आराधना और मनोकामना पूर्ति के लिए बेहद खास माना जाता है। विशेषकर सोमवार के व्रत (Sawan Somwar Vrat) का इस समय अत्यंत महत्व होता है, जिसे विशेष रूप से अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए करती हैं।
सावन में विवाह क्यों नहीं किए जाते?
हालांकि सावन में प्रेम और भक्ति का माहौल होता है, लेकिन इस दौरान शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों को करना वर्जित माना जाता है। इसका कारण है चातुर्मास।
चातुर्मास में विवाह वर्जित क्यों?
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चातुर्मास की अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। यह अवधि आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से शुरू होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) तक रहती है।
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इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद नहीं मिल पाता, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इसे उचित नहीं माना जाता।
2025 में चातुर्मास की अवधि: 6 जुलाई 2025 से 1 नवंबर 2025 तक रहेगी।
सावन में क्या करना चाहिए?
सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए निम्न कार्य करने चाहिए:
सावन सोमवार का व्रत रखें
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मनचाही कामना की पूर्ति के लिए यह व्रत अति फलदायक है।
रोजाना शिव मंत्रों का जाप करें:
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ॐ नमः शिवाय (मूल शिव मंत्र)
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महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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रूद्र मंत्र: ॐ नमो भगवते रूद्राय।
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रूद्र गायत्री मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
शिवलिंग का जल, दूध या बेलपत्र से अभिषेक करें
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रोजाना मंदिर जाकर या घर पर शिवलिंग का अभिषेक करने से मन की शांति और समृद्धि मिलती है।