सौरभ भारद्वाज ने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की। इससे पहले भी सौरभ भारद्वाज ने ‘चलो जंतर-मंतर’ के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।
‘GenZ 2.0’ के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
सौरभ भारद्वाज की ओर से साझा किए गए संदेश में ‘GenZ 2.0’ का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सच्चा और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद है। पोस्ट में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने और अपनी मांगें सामने रखने को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बताया गया।
उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग रखने की अपील की। उनके संदेश का केंद्र चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी से जुड़ी मांगें हैं।
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान
🇮🇳 चलो जंतर-मंतर | GenZ 2.0
📍 जंतर-मंतर
सच्चा और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल और मांगें उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है—और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जनता को अपनी आवाज़ रखने का संवैधानिक रास्ता देता है।
आइए, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी… pic.twitter.com/7cKqCh7tWE
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 1, 2026
सौरभ भारद्वाज ने 28 सितंबर को एक्स पर पोस्ट कर 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया था। पोस्ट में ‘चलो जंतर-मंतर, 2 अक्टूबर, दोपहर 12 बजे’ का संदेश दिया गया था।
यह आह्वान ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। विभिन्न समूहों और विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इन दावों और आपत्तियों पर चुनाव आयोग का अपना पक्ष भी है।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल
सौरभ भारद्वाज के संदेश में किसी विशेष चुनावी नतीजे की बात करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग पर जोर दिया गया है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने और अपनी बात रखने का अधिकार है।
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का संबंध चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस से भी जोड़ा जा रहा है। हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी विरोध और इस्तीफे की मांग सामने आई है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर
सौरभ भारद्वाज के संदेश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का माध्यम बताया गया है। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग रखने की अपील की है।
इस तरह 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाला प्रस्तावित कार्यक्रम चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों और राजनीतिक मांगों के बीच एक और सार्वजनिक प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अनुमति और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति अलग विषय है; कुछ रिपोर्टों में दिल्ली पुलिस की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बात कही गई थी।