सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के 1 लाख करोड़ रुपये के बजट का सच उजागर किया। भाजपा सरकार ने वास्तविक राजस्व केवल 68,700 करोड़ जुटाया और भारी घाटा दिखाया।
दिल्ली सरकार के 1 लाख करोड़ रुपये के बजट का सच अब सामने आया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार ने इतिहास में पहली बार दिल्ली पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये का क़र्ज़ा चढ़ा दिया है। बजट के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जबकि वास्तविक इकट्ठा हुआ राजस्व मात्र 68,700 करोड़ है।
“एक लाख करोड़” के बजट का सच जानिये
इतिहास में पहली बार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली पर लगभग 20,000 करोड़ का क़र्ज़ा चढ़ा दिया है
इन्होंने बढ़ा चढ़ा कर 1 लाख करोड़ का बजट बनाया मगर इकट्ठा हुआ सिर्फ़ 68,700 करोड़
Delhi Govt’s own Tax revenue receipt 68700 crore
Grant… pic.twitter.com/YM6DicGr3b
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) March 25, 2026
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली सरकार की टैक्स रेवेन्यू: 68,700 करोड़
- केंद्र सरकार से अनुदान (Grant in aid): 12,095 करोड़
- कुल राजस्व प्राप्ति: 81,545 करोड़
- घाटा: 19,000 करोड़
- ओपन मार्केट से लोन: 16,700 करोड़
- केंद्र सरकार से लोन: 2,500 करोड़
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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि BJP सरकार ने बजट को केवल बड़े आंकड़ों के आकर्षक दिखावे के लिए पेश किया, जबकि वास्तविक वित्तीय स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस घाटे को पूरा करने के लिए दिल्ली को केंद्र और ओपन मार्केट दोनों से भारी कर्ज़ लेना पड़ा, जो आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।
सौरभ भारद्वाज का मानना है कि इस बजट का वास्तविक विश्लेषण करने से जनता के सामने BJP सरकार की वित्तीय नीतियों की विफलता स्पष्ट हो जाती है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे सरकार के वास्तविक बजट आंकड़ों और घाटे की गंभीरता को समझें और आर्थिक पारदर्शिता की मांग करें।