AAP सांसद संजय सिंह ने कथित वोट चोरी के विरोध में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया। संजय सिंह ने यह प्रदर्शन कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए।
संजय सिंह जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन उन्हें नॉर्थ एवेन्यू के पास पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद उन्होंने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संजय सिंह ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
बापू की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि उन्हें संसद जाने से रोका जा रहा था। इसके बाद उन्होंने गांधी प्रतिमा के सामने बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाब चाहते हैं।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘तानाशाही का अंत होगा और मोदी-ज्ञानेश को जाना होगा’। यह उनका राजनीतिक बयान है और इसे उनके आरोप एवं मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले पुलिस ने रोका
संसद परिसर में बापू की प्रतिमा के सामने वोट चोरी के खिलाफ धरने पर बैठे AAP सांसद @SanjayAzadSln जी।
तानाशाही का अंत होगा, मोदी-ज्ञानेश को जाना होगा.. pic.twitter.com/dAWLM0PMA5
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 2, 2026
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए थे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी और जंतर-मंतर समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संजीव झा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 700 से लेकर करीब 1,000 तक बताई गई है।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर AAP के सवाल
AAP और अन्य विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से अपनी प्रक्रियाओं का बचाव किया गया है।
संजय सिंह और AAP के अन्य नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अलावा विपक्षी दलों की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में भी राजनीतिक अभियान चलाए जा रहे हैं।
संसद परिसर से संजय सिंह का राजनीतिक संदेश
संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर संजय सिंह ने अपने विरोध को चुनाव प्रक्रिया और वोट के अधिकार से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर AAP और अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लागू किए जाने की बात सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया और प्रदर्शन के अधिकार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।