संजय सिंह ने पीएम मोदी के फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले पर उठाया सवाल। बोले— सरकार पेपर लीक के मुख्य आरोपियों को बचाने में जुटी है।
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ जारी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए ‘फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट’ (Fast-Track Courts) गठित करने के ऐलान पर संजय सिंह ने सवाल खड़े किए हैं।
संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का ‘फ़ास्ट-ट्रैक न्याय’ सिर्फ चुनावी भाषणों और बयानों तक सीमित है। असलियत यह है कि केंद्र सरकार खुद पेपर लीक के मुख्य आरोपियों और जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण दे रही है।
“केवल छोटे मोहरों पर कार्रवाई, बड़े चेहरों को सुरक्षा”: आप सांसद का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी का “Fast Track Justice” सिर्फ़ भाषणों तक ही सीमित है।
हक़ीक़त यह है कि उनकी सरकार ख़ुद Paper Leak के आरोपियों को बचा रही है।
– @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP pic.twitter.com/Nsg25jCHUG
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 24, 2026
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश का युवा आज सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
“प्रधानमंत्री जी का फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान सिर्फ ध्यान भटकाने का एक जरिया है। सच तो यह है कि सरकार केवल छोटे-मोटे प्राइवेट लोगों और मोहरों पर कार्रवाई का दिखावा करेगी, जबकि घोटाले के पीछे मौजूद बड़े चेहरों तक जांच की आंच भी नहीं पहुंचने दी जाएगी।”
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और हजारों युवा अवसाद में हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार कोई ठोस प्रशासनिक या नीतिगत कदम उठाने के बजाय केवल खोखले आश्वासन दे रही है।
संसद से सड़क तक विरोध प्रदर्शन की तैयारी
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह युवाओं और छात्रों के इस आंदोलन में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। संजय सिंह ने संसद के पटल पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए नोटिस दिया है और पूरे देश के सार्वजनिक परीक्षा तंत्र में बुनियादी सुधार की मांग की है।
आप नेताओं का कहना है कि जब तक इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होती और धांधली में शामिल बड़े अधिकारियों व मंत्रियों की जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक युवाओं का यह विरोध प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है।
मुख्य बिंदु
- संजय सिंह का तंज: पीएम मोदी का ‘फ़ास्ट-ट्रैक न्याय’ सिर्फ भाषणों तक सीमित है, धरातल पर सरकार आरोपियों का बचाव कर रही है।
- मुख्य मांग: पेपर लीक के जिम्मेदार बड़े अधिकारियों और शिक्षा विभाग की शीर्ष कमान पर सीधी कार्रवाई।
- आप का रुख: पार्टी छात्रों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का खुलकर समर्थन करेगी और संसद में भी आवाज उठाएगी।