साकेत बिल्डिंग हादसा: AAP का बड़ा हमला, कहा- ‘यह हादसा नहीं, MCD के भ्रष्टाचार का नतीजा’

साकेत बिल्डिंग हादसा: AAP का बड़ा हमला, कहा- 'यह हादसा नहीं, MCD के भ्रष्टाचार का नतीजा'

 

साकेत में इमारत गिरने से हुई 6 लोगों की मौत पर AAP ने MCD पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें पूरी रिपोर्ट और AAP की प्रमुख मांगें।

 

दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके (सैदुलाजाब) में हाल ही में हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 6 लोगों की जान जाने के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित नगर निगम (MCD) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। AAP का आरोप है कि इमारत का गिरना कोई महज ‘हादसा’ नहीं, बल्कि MCD के अधिकारियों की लापरवाही, मिलीभगत और खुले भ्रष्टाचार का सीधा परिणाम है।

क्या है AAP का आरोप?

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने नगर निगम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि सैदुलाजाब स्थित यह इमारत पहले से ही अवैध रूप से बन रही थी और स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के बावजूद MCD के अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया। AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP के संरक्षण में दिल्ली में अवैध निर्माण का एक पूरा ‘नेटवर्क’ फल-फूल रहा है।

नेता प्रतिपक्ष (MCD) अंकुश नारंग ने कहा, “BJP शासित MCD का भ्रष्ट तंत्र बेगुनाह लोगों की जान ले रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। यह पूरी तरह स्पष्ट है कि अधिकारियों और बिल्डर की मिलीभगत के कारण ही यह त्रासदी हुई है।”

AAP की प्रमुख मांगें:

  • दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: AAP ने साकेत हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, विशेषकर दक्षिण क्षेत्र (South Zone) के उपायुक्त (Deputy Commissioner) को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।
  • निष्पक्ष जांच: पार्टी ने मामले की उच्च-स्तरीय जांच और एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है, ताकि दोषियों को बख्शा न जाए।
  • मुआवजा और सर्वेक्षण: प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और दिल्ली भर में सभी जर्जर व अवैध इमारतों का तत्काल सर्वेक्षण कराने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

MCD की कार्रवाई शुरू

हादसे के बाद हरकत में आई MCD ने अब दक्षिण दिल्ली में अवैध इमारतों के खिलाफ ‘सील-एंड-वेकेट’ (Seal-and-Vacate) अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में उन इमारतों की पहचान की जा रही है जो बिल्डिंग बायलॉज (Building Bye-laws) का उल्लंघन कर रही हैं। साथ ही, साकेत हादसे के बाद इमारत के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।

दिल्ली की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या इमारतों के गिरने का सिलसिला तब रुकेगा जब हर बार प्रशासन के ‘भ्रष्ट तंत्र’ की बलि कोई न कोई मासूम देगा? AAP ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती और पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

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