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साकेत (सैदुलजाब) इमारत हादसे के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित एमसीडी पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानिए पूरी घटना और ‘आप’ नेता प्रवीण कुमार की मुख्य मांगें।
दिल्ली के साकेत (सैदुलजाब) इलाके में हाल ही में हुए दर्दनाक इमारत हादसे को लेकर राजनीतिक पारा गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर भाजपा शासित नगर निगम (MCD) को जिम्मेदार ठहराया है। आप नेता प्रवीण कुमार ने एमसीडी मुख्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और इस त्रासदी को भाजपा के भ्रष्टाचार का सीधा परिणाम करार दिया।
घटना का दुखद ब्यौरा
30 मई 2026 की शाम को साकेत मेट्रो स्टेशन के समीप एक पांच मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। इस भयावह हादसे में छह लोगों की अकाल मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पूरी इमारत अवैध रूप से बनाई गई थी और उस पर नियमों को ताक पर रखकर दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ी जा रही थीं।
आम आदमी पार्टी के गंभीर आरोप
साकेत हादसे के करीब 10 दिन बीत जाने के बाद भी भाजपा प्रशासन बिल्डिंग का मलबा उठा नहीं पाया।
सवाल ये हैं कि – आखिर बीजेपी सरकार का इतना ढीला रवैया क्यों है? अगर कल को भूकंप जैसा कोई बड़ा हादसा हो जाए तो सरकार कैसे निपट पाएगी?
हमारी सरकार से मांग है कि वो आंकड़े छुपाने की कोशिश… pic.twitter.com/TZ72F8feps
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 8, 2026
आम आदमी पार्टी के नेता प्रवीण कुमार और अंकुश नारंग ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कई बड़े सवाल उठाए हैं:
- प्रशासनिक लापरवाही: पार्टी का आरोप है कि अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों द्वारा बार-बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन एमसीडी के अधिकारियों ने मिलीभगत के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
- भ्रष्टाचार का संरक्षण: ‘आप’ ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के कारण ही शहर में ऐसी असुरक्षित और अवैध इमारतों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिलता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के तत्काल निलंबन और पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की पुरजोर मांग की है।
- मलबा हटाने में सुस्ती: मलबे के निपटान को लेकर भी पार्टी ने सरकार की आलोचना की है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि 3 जून तक मलबे के अधिकांश हिस्से को हटा दिया गया था, लेकिन आप नेताओं का तर्क है कि सरकारी तंत्र की सुस्ती और भ्रष्टाचार ने पहले ही कई निर्दोष जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेल दिया है।
प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई
इस घटना के बाद नगर निगम ने अब शहर के उन क्षेत्रों में सर्वेक्षण करने का आश्वासन दिया है जहां अवैध निर्माण की आशंका है। पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए इमारत के मालिक करमवीर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हादसे के लिए जिम्मेदार मुख्य बिल्डर की तलाश जारी है।
प्रदर्शन का उद्देश्य
आम आदमी पार्टी के नेता प्रवीण कुमार के नेतृत्व में किया गया यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि पार्टी इस मामले में सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ‘आप’ ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डर माफिया पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल एक इमारत का गिरना नहीं, बल्कि दिल्ली के सरकारी तंत्र की विफलता का प्रमाण है।