चारधाम यात्रा होगी और आसान: रुद्रप्रयाग में 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा, अलकनंदा पुल पर अगस्त से शुरू होंगे ट्रायल

चारधाम यात्रा होगी और आसान: रुद्रप्रयाग में 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा, अलकनंदा पुल पर अगस्त से शुरू होंगे ट्रायल

 

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है। केदारनाथ और बद्रीनाथ हाईवे को जोड़ने वाले अलकनंदा पुल पर 31 अगस्त से ट्रायल शुरू होगा।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) को अधिक सुलभ, सुरक्षित और बाधा रहित बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। राज्य के रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) जिले में बद्रीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों को सीधे जोड़ने वाली 900 मीटर लंबी सुरंग (Tunnel) का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इस सुरंग के बन जाने से श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को रुद्रप्रयाग शहर में लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

इंडिया टुडे (India Today) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में केवल सुरंग ही नहीं, बल्कि अलकनंदा नदी (Alaknanda River) पर 200 मीटर लंबा डबल-लेन मोटर पुल (Double-lane Motor Bridge) भी शामिल है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रोजेक्ट अधिकारियों के अनुसार, इस पुल का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और 31 अगस्त से इस पर वाहनों का ट्रायल (Vehicle Trials) शुरू होने की संभावना है।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति: केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत

चारधाम यात्रा के पीक सीजन (मई से जुलाई और सितंबर से अक्टूबर) के दौरान रुद्रप्रयाग शहर में वाहनों का भारी दबाव रहता है। केदारनाथ और बद्रीनाथ दोनों प्रमुख धामों की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के संकरे मार्गों से गुजरना पड़ता था, जिससे कई-कई घंटों तक लंबा जाम लग जाता था।

  • सीधा संपर्क: इस नई 900 मीटर लंबी सुरंग के चालू होने से बद्रीनाथ राजमार्ग (NH-58) और केदारनाथ राजमार्ग (NH-107) सीधे आपस में जुड़ जाएंगे।
  • शहर का बाईपास: केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को अब रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार के भीतर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुरंग एक बाईपास (Bypass) की तरह काम करेगी, जिससे यात्रा का समय काफी बच जाएगा।

अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा डबल-लेन पुल: अगस्त के अंत में ट्रायल

इस परियोजना का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अलकनंदा नदी पर बन रहा 200 मीटर लंबा डबल-लेन मोटर ब्रिज है। यह पुल सुरंग के एक छोर को अलकनंदा नदी के पार दूसरे राजमार्ग से जोड़ेगा।

इंजीनियरों और परियोजना अधिकारियों का कहना है कि पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है और अब केवल फिनिशिंग तथा सेफ्टी टेस्टिंग का काम बचा है। यदि मौसम अनुकूल रहा और बारिश के कारण कोई बड़ा व्यवधान नहीं आया, तो 31 अगस्त 2026 से इस पर ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा। सफल ट्रायल के बाद इसे आधिकारिक रूप से आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

आपदा और भूस्खलन के समय भी मददगार साबित होगी परियोजना

उत्तराखंड का पहाड़ी इलाका मानसून के दौरान भूस्खलन (Landslides) और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील रहता है। कई बार पुराने मार्गों पर चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।

यह नई सुरंग और मजबूत डबल-लेन पुल न केवल सामान्य दिनों में यातायात संचालन को आसान बनाएंगे, बल्कि किसी आपदा या आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक आपातकालीन मार्ग (Alternative Emergency Route) के रूप में भी बेहद उपयोगी साबित होंगे। इससे राहत एवं बचाव कार्यों और एम्बुलेंस सेवाओं को बिना किसी रुकावट के संचालित किया जा सकेगा।

 बुनियादी ढांचे में सुधार से उत्तराखंड पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के ‘ऑल वैदर रोड प्रोजेक्ट’ (All-Weather Road Project) के तहत रुद्रप्रयाग की यह परियोजना एक बड़ा मील का पत्थर है। सुरंग और पुल का काम पूरा होने से न केवल चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों का सफर सुरक्षित और सुगम होगा, बल्कि रुद्रप्रयाग के स्थानीय निवासियों की दैनिक आवाजाही भी काफी आसान हो जाएगी।

 

 

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