रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दबाव के बीच 138 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। हालांकि, 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत यह मैच और सीरीज 1-2 से हार गया।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें क्यों बुलाया जाता है ‘हिटमैन’। रोहित ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर अपनी योग्यता दिखाई, जब उनकी उम्र और हेड कोच गौतम गंभीर की योजनाओं पर लगातार प्रश्न उठ रहे थे। रोहित ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे (ODI) मैच में 138 रनों की बेहद शानदार और जुझारू पारी खेली। रोहित का यह ऐतिहासिक शतक, हालांकि, भारत को 27 रनों से हार से बचाने में असफल रहा। टीम इंडिया ने इस हार के साथ 3 मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से गंवा दी है।
रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाया
लॉर्ड्स की पवित्र घास पर बल्लेबाजी करते समय रोहित शर्मा को भारी दबाव (भारी दबाव) का सामना करना पड़ा. उनके सामने दो लक्ष्य थे: भारत को सीरीज जीतना और उनके करियर पर मंडरा रहे संकटों को दूर करना। Rohit ने 110 गेंदों में 17 चौकों और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 138 रन बनाए। यह उनके 34वें वनडे शतक था। वह लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज भी बन गए हैं। रोहित ने इस पारी के दौरान लॉर्ड्स की मेंबर्स बालकनी से स्टैंडिंग ओवेशन (खड़े होकर सम्मान) प्राप्त किया, लेकिन उन्होंने कोई उत्सव नहीं मनाया। उन्हें सिर्फ अपने काम को पूरा करने का दृढ़ संकल्प दिखाई देता था।
भारत को 388 रनों का बड़ा लक्ष्य
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 388 रनों का लक्ष्य दिया। भारतीय टीम ने इस असंभव लगने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर सिर्फ 360 रन बनाए। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने 77 रनों और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 74 रनों की बेहतरीन पारियां खेली। Роहित ने पहले विकेट के लिए गिल के साथ 147 रनों की शानदार साझेदारी करके और कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की शानदार साझेदारी करके भारत को जीत के बहुत करीब पहुंचा दिया था। लेकिन मध्यक्रम में विवाद से भारत लक्ष्य से 27 रन पीछे रह गया।
सैम करन की घातक गेंदबाजी ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें तोड़ी।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज सैम करन ने मेहमान टीम को डेथ ओवर्स (आखिरी ओवरों) में मार डाला। करन ने 10 ओवरों में 75 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। जब विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन क्रीज पर थे और भारत की जीत की उम्मीदें जिंदा थीं, सैम करन ने इन तीनों बल्लेबाजों को 7 गेंदों के भीतर पवेलियन भेजकर भारतीय टीम को खलबली मचा दी। भारतीय बल्लेबाजों पर नियंत्रण रखने वाले बाएं हाथ के स्पिनर जैकब बेथेल (1/49) ने सैम करन को अच्छा साथ दिया।
बुमराह की कमी और गंभीर-गिल की रणनीति ने बहुत फायदा उठाया
भारतीय तेज गेंदबाजों में से एक, जसप्रीत बुमराह, इस महत्वपूर्ण मुकाबले में मैच से बाहर हो गए क्योंकि वे बाएं घुटने की चोट के कारण मैच से बाहर थे। इस मैच में हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल की रणनीति पूरी तरह असफल साबित हुई। भारत ने सिर्फ एक फ्रंटलाइन स्पिनर (अक्षर पटेल, 0/61) और चार तेज गेंदबाजों (कुल मिलाकर 51 मैच) को खिलाया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी को धोया। महान कृष्णा (2/69), अर्शदीप सिंह (0/72), प्रिंस यादव (1/79) और अपना पहला सीजन खेल रहे गुरनूर ब्रार (0/97) सभी रन रोकने में असफल रहे।
टॉस हारकर पहले खेलने उतरी इंग्लैंड की टीम को बेन डकेट और जैकब बेथेल ने शानदार शुरुआत दी। डकेट ने अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 142 रन बनाए (18 चौके और 1 छक्का)। जैकब बेथेल ने भी 91 रनों की बढ़िया पारी खेली। इन दोनों ने 11वें से 30वें ओवर के बीच भारतीय गेंदबाजों को नियंत्रित किया। बाद में, इन-फॉर्म बल्लेबाज जो रूट ने 48 गेंदों में 74 रन बनाए। आखिरी ओवरों में कप्तान जोस बटलर ने सिर्फ 13 गेंदों पर नाबाद 41 रनों की आतिशी पारी खेलकर इंग्लैंड को 387 तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने अंतिम पांच ओवरों में 82 रन बनाए, जो मैच का अंत था।
रोहित-कोहली 2027 वर्ल्ड कप में नहीं जाएंगे
भारतीय टीम की वनडे सीरीज की हार और गेंदबाजी पर सवाल उठने के बावजूद, इस मैच ने एक बात स्पष्ट कर दी है। विराट कोहली और रोहित शर्मा आज भी आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। लॉर्ड्स में रोहित के शतक और कोहली के अर्धशतक ने टीम इंडिया को सीनियर्स से आगे देखने की उम्मीदों को खारिज कर दिया है। यह लगभग निश्चित है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप 2027 तक भारतीय टीम का प्रमुख हिस्सा रहेंगे।