रितेश देशमुख ने पिता Vilasrao Deshmukh को किया याद, 14वीं पुण्यतिथि पर लिखा भावुक पोस्ट

रितेश देशमुख ने पिता Vilasrao Deshmukh को किया याद, 14वीं पुण्यतिथि पर लिखा भावुक पोस्ट

रितेश देशमुख ने पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की 14वीं पुण्यतिथि पर पुरानी तस्वीर साझा कर भावुक पोस्ट लिखा। जानें पूरी खबर।

अभिनेता रितेश देशमुख ने शुक्रवार, 14 अगस्त को अपने पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की 14वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावुक अंदाज में याद किया। इस खास मौके पर रितेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पिता के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें दोनों एक-दूसरे के साथ हंसते हुए नजर आ रहे हैं। तस्वीर में पिता-पुत्र के बीच की सहज और खूबसूरत बॉन्डिंग साफ दिखाई देती है। इस तस्वीर के साथ रितेश ने मराठी भाषा में एक बेहद भावुक संदेश लिखा, जिसका अर्थ है, “आपको गए 14 साल हो गए, लेकिन मेरा वनवास अभी खत्म नहीं हुआ।” अभिनेता के इस संदेश ने उनके पिता के प्रति गहरे प्रेम और उनके जाने के बाद महसूस होने वाली कमी को बयां किया। पोस्ट सामने आने के बाद फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने भी रितेश के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पिता की याद में छलका रितेश का दर्द

रितेश देशमुख के लिए उनके पिता विलासराव देशमुख सिर्फ एक सफल राजनेता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक थे। हर साल उनकी पुण्यतिथि पर रितेश सोशल मीडिया के जरिए उन्हें याद करते हैं। इस बार भी उन्होंने जिस तस्वीर और संदेश को साझा किया, उसने लोगों का ध्यान खींचा। खास तौर पर उनका यह कहना कि पिता के जाने के 14 साल बाद भी उनका “वनवास” खत्म नहीं हुआ, इस बात को दर्शाता है कि समय बीतने के बावजूद किसी करीबी व्यक्ति को खोने का दर्द कम नहीं होता। पोस्ट पर रितेश की पत्नी

और अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख ने भी प्रतिक्रिया दी और कमेंट सेक्शन में टूटे हुए दिल वाले इमोजी साझा किए। जेनेलिया की यह छोटी-सी प्रतिक्रिया भी रितेश और उनके परिवार की भावनात्मक स्थिति को बयां करती नजर आई।

विलासराव देशमुख का राजनीतिक सफर

विलासराव देशमुख महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता रहे। उन्होंने महाराष्ट्र के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए। वह पहली बार 1999 में राज्य के मुख्यमंत्री बने और 2003 तक इस पद पर रहे। इसके बाद 2004 में उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद संभाला और 2008 तक महाराष्ट्र का नेतृत्व किया। अपने राजनीतिक करियर के दौरान विलासराव देशमुख ने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती थी। मुख्यमंत्री पद के बाद उन्होंने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री और पृथ्वी विज्ञान मंत्री रहे। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी पहचान एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता के रूप में बनी।

67 साल की उम्र में हुआ निधन

विलासराव देशमुख का निधन वर्ष 2012 में 67 वर्ष की उम्र में हुआ था। वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और कई अंगों के काम करना बंद करने के कारण उनका निधन हुआ। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई थी। उनके निधन के बाद रितेश ने कई मौकों पर अपने पिता की यादों को साझा किया है। एक बेटे के तौर पर उनके लिए पिता की विरासत और उनकी यादें आज भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। यही वजह है कि उनकी पुण्यतिथि पर साझा की गई पोस्ट को सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि निजी भावनाओं की अभिव्यक्ति के तौर पर देखा जा रहा है।

फिल्मों में लगातार सक्रिय हैं रितेश

पिता की पुण्यतिथि पर भावुक पोस्ट साझा करने के साथ-साथ रितेश देशमुख अपने फिल्मी करियर में भी लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में वह ‘धमाल 4’ में नजर आए, जिसमें उन्होंने एक बार फिर कॉमेडी जॉनर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रितेश के साथ अजय देवगन सहित कई कलाकार नजर आए। हालांकि फिल्म को समीक्षकों से बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। News18 की समीक्षा में फिल्म को दो स्टार दिए गए और इसकी कॉमेडी तथा लगातार शोर-शराबे वाले अंदाज को लेकर आलोचना की गई। इसके बावजूद रितेश की कॉमिक टाइमिंग और लंबे समय से दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता फिल्म को लेकर चर्चा का हिस्सा बनी रही।

‘राजा शिवाजी’ में निभाई अहम भूमिका

इससे पहले रितेश देशमुख ‘राजा शिवाजी’ में भी नजर आए थे। यह फिल्म महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित है। खास बात यह है कि रितेश ने फिल्म में अभिनय करने के साथ-साथ इसका निर्देशन भी किया। फिल्म में उनके अलावा अभिषेक बच्चन, भाग्यश्री, जेनेलिया देशमुख, संजय दत्त, फरदीन खान और विद्या बालन जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई दिए। फिल्म में सलमान खान भी विशेष भूमिका में नजर आए। ‘राजा शिवाजी’ को लेकर रितेश ने अभिनेता के साथ-साथ निर्देशक के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई, जिससे यह प्रोजेक्ट उनके करियर के लिए काफी खास बन गया।

Netflix पर भी पहुंची ‘राजा शिवाजी’

सिनेमाघरों में रिलीज के बाद ‘राजा शिवाजी’ ने 26 जून को Netflix पर भी दस्तक दी। OTT प्लेटफॉर्म ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म के स्ट्रीमिंग अपडेट की जानकारी दर्शकों के साथ साझा की। इसके डिजिटल रिलीज के बाद फिल्म उन दर्शकों तक भी पहुंची, जो इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे। रितेश के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने इसमें अभिनय के साथ निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली और मराठा इतिहास के एक महान व्यक्तित्व को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की कोशिश की।

पिता की विरासत और बेटे का सफर

विलासराव देशमुख की राजनीतिक विरासत और रितेश देशमुख का फिल्मी सफर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े होने के बावजूद दोनों के बीच एक गहरा पारिवारिक संबंध है। रितेश ने मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और अभिनय के साथ निर्देशन में भी कदम रखा। वहीं, विलासराव देशमुख ने महाराष्ट्र और केंद्र की राजनीति में अपनी अलग छाप छोड़ी। पिता की 14वीं पुण्यतिथि पर रितेश की भावुक पोस्ट एक बार फिर यह दिखाती है कि सफलता और व्यस्तता के बीच भी परिवार की यादें इंसान के जीवन में कितनी गहरी जगह बनाए रखती हैं। 14 साल गुजर जाने के बावजूद पिता की कमी महसूस करना और उनकी यादों को सार्वजनिक रूप से साझा करना रितेश के भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। उनका संदेश शायद यही बताता है कि कुछ रिश्तों का “वनवास” समय बीतने के साथ खत्म नहीं होता, बल्कि उनकी यादें जीवनभर हमारे साथ चलती रहती हैं।

 

 

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