रिंकू सिंह ने अलीगढ़ से टीम इंडिया तक के अपने सफर पर बात की। उन्होंने कहा कि वह अपनी कहानी और जड़ों को वैश्विक मंच तक पहुंचाना चाहते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज रिंकू सिंह ने अत्यंत साधारण जीवनशैली से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रवेश किया है। अलीगढ़ के मूल निवासी रिंकू सिंह अब अपने क्रिकेट करियर को सिर्फ व्यक्तिगत जीत तक सीमित नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि उनकी कहानी ने जिस शहर से उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की, अब उस शहर से दुनिया भर में पहचान बनाई है। रिंकू ने कहा कि वह अलीगढ़ से आईपीएल और भारतीय टीम में खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं और यह उनके लिए गर्व की बात है। वह भी अपने शहर और वहां के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान को एक अवसर मानते हैं।
अलीगढ़ से टीम इंडिया में खेलने वाले पहले व्यक्ति
2023 में रिंकू सिंह ने भारतीय टीम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए वनडे और टी20 क्रिकेट खेले। वह अब तक दो वनडे और 48 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारत का खेल चुका है। रिंकू खास तौर पर टी20 क्रिकेट में तेज बल्लेबाजी के लिए प्रसिद्ध है।
रिंकू ने कहा कि अलीगढ़ से आईपीएल और भारतीय टीम तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अब जब वह वैश्विक मंच पर कदम रख रहे हैं, उन्हें उम्मीद है कि इसका लाभ सिर्फ उनके करियर तक नहीं रहेगा, बल्कि जहां से वह आते हैं, भी मिलेगा।
रिंकू अपनी जड़ों को नहीं बदलना चाहता
रिंकू सिंह ने अपनी पृष्ठभूमि और संघर्षों पर भी स्पष्ट बात की। उनका कहना था कि वह अपनी जड़ों और अपनी पहचान बदलना नहीं चाहते। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि उनकी सच्ची कहानी लोगों को पता चले। कई युवा खिलाड़ियों ने एक साधारण परिवार से क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों में से एक तक पहुंचने की उनकी प्रेरणा ली है।
रिंकू ने बताया कि वह अपनी कहानी को विश्वव्यापी बनाना चाहते हैं। वह सिर्फ क्रिकेट खेलने की यात्रा नहीं कर रहे हैं; यह उनकी पृष्ठभूमि और संघर्षों को भी सामने लाने का एक माध्यम है। उनका कहना था कि वह यह नहीं चाहते कि सफलता के बाद उनका व्यक्तित्व या पहचान बदल जाए।
नेमार और लियोनेल मेसी के ब्रांड से जुड़ने की वजह
रिंकू सिंह ने विश्व के प्रमुख फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ काम करने वाली संस्था के साथ जुड़ने के निर्णय पर भी चर्चा की। एजेंसी ने लियोनेल मेसी और नेमार जूनियर जैसे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ काम करने का ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है। रिंकू ने कहा कि उन्हें एजेंसी का जोर खिलाड़ी की वास्तविक पहचान और निष्ठा को बढ़ावा देने पर था।
रिंकू की कहानी को सही तरीके से बताना महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि वैश्विक ख्याति हासिल करने के बावजूद वह अपनी पृष्ठभूमि और अलीगढ़ से संबंध बनाए रखना चाहते हैं।
प्रिय सरोज से दिसंबर में शादी करने की योजना
क्रिकेट के अलावा रिंकू सिंह की निजी जिंदगी भी चर्चा में है। ज्ञात स्रोत के अनुसार, रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की शादी 4 दिसंबर को होगी। क्रिकेटर ने भी आगामी शादी को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
रिंकू ने मजाकिया ढंग से बताया कि परिवार शादी की तैयारियों को देख रहा है। क्रिकेट खेलने के कारण उनके पास शादी की तैयारियों के लिए बहुत कम समय है। उनका कहना था कि वह मैचों को छोड़कर क्रिकेट से ज्यादा समय नहीं खेल सकता।
शादी के बावजूद क्रिकेट पर पूरा फोकस रहेगा
रिंकू सिंह ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत जीवन में नई शुरुआत के बावजूद क्रिकेट से उनका ध्यान नहीं हटेगा। उनका कहना था कि वह कोई मैच नहीं छोड़ सकते क्योंकि क्रिकेट कैलेंडर बहुत व्यस्त है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि परिवार शादी की तैयारियों को संभालेगा और समय निकालने पर भी मैचों को नजरअंदाज नहीं करेंगे।
इससे साफ है कि रिंकू अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और अपनी निजी जिंदगी को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि दिसंबर में उनकी शादी की चर्चा चल रही है, वे लगातार भारतीय क्रिकेट टीम के साथ काम कर रहे हैं।
संघर्ष की कहानी को विश्वव्यापी बनाना चाहते हैं
भारतीय क्रिकेट में, रिंकू सिंह की कहानी अवसरों और संघर्षों से भी जुड़ी हुई है। उनके करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अलीगढ़ से निकलकर आईपीएल में खेलना और फिर भारतीय टीम में खेलना था। अब वह चाहते हैं कि उनकी यही यात्रा विश्वव्यापी पहचान बन जाए।
रिंकू के लिए ग्लोबल मंच सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं है। वह भी अलीगढ़ का नाम रोशन करना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी कहानी उस शहर से क्रिकेट में आगे बढ़ने का सपना देखने वाले युवाओं को भी प्रेरित कर सकती है। उनके करियर का अगला महत्वपूर्ण अध्याय आने वाले समय में क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और वैश्विक स्तर पर उनकी कहानी होगी।