रिकी पोंटिंग ने पंजाब किंग्स की खराब फील्डिंग को “वायरस” करार दिया है। शशांक सिंह ने क्लासेन का कैच छोड़ा जिसने मैच का रुख बदल दिया। जानें पोंटिंग की पूरी प्रतिक्रिया।
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स (PBKS) का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय उनकी खराब फील्डिंग और कैच टपकने का सिलसिला बन गया है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ बुधवार को खेले गए मुकाबले में पंजाब के फील्डर्स ने एक बार फिर निराश किया, जिसके बाद मुख्य कोच रिकी पोंटिंग का गुस्सा और हताशा साफ तौर पर दिखाई दी। पोंटिंग ने टीम में बार-बार हो रही कैचिंग की गलतियों को एक “वायरस” करार दिया है।
पंजाब किंग्स में फैला ‘कैचिंग वायरस’: रिकी पोंटिंग ने खराब फील्डिंग पर जताई नाराजगी; शशांक सिंह के छूटे कैच पड़े भारी
आईपीएल जैसे हाई-वोल्टेज टूर्नामेंट में एक कैच छोड़ना मैच छोड़ने के बराबर हो सकता है, और पंजाब किंग्स के साथ इस सीजन में ठीक यही हो रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच के दौरान पंजाब के फील्डर्स ने तीन महत्वपूर्ण कैच छोड़े। मैच के 10वें ओवर में ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए रिकी पोंटिंग ने मजाकिया अंदाज में अपनी बात शुरू की, लेकिन उनके शब्दों में छिपा दर्द साफ महसूस किया जा सकता था। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम की यह कमजोरी अब एक लाइलाज बीमारी की तरह फैल रही है।
शशांक सिंह के लिए सीजन बना ‘दुःस्वप्न’
इस सीजन में पंजाब किंग्स के खिलाड़ी शशांक सिंह के लिए फील्डिंग के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। शशांक अब तक इस सीजन में कुल पांच कैच छोड़ चुके हैं। हैदराबाद के खिलाफ मैच में उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन का कैच तब छोड़ा जब वह केवल 13 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। क्लासेन ने इस जीवनदान का भरपूर फायदा उठाया और 43 गेंदों में 69 रनों की धुआंधार पारी खेल डाली, जिसने मैच का रुख हैदराबाद की तरफ मोड़ दिया।
पोंटिंग ने शशांक की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “सच कहूं तो यह हमारे लिए एक वायरस की तरह हो गया है। हमने इस सीजन में अब तक बहुत सारे कैच छोड़े हैं। लड़के अभ्यास के दौरान असाधारण मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बेचारे शशांक की स्थिति देखिए; ऐसा लगता है जैसे हर ऊंचा कैच उनका पीछा कर रहा है। वह हर हाई बॉल के नीचे खड़े नजर आते हैं और किस्मत उनके साथ नहीं है।”
कोच की हताशा और तकनीकी खामियां
दुनिया के सबसे बेहतरीन फील्डर्स में से एक रहे रिकी पोंटिंग के लिए अपनी टीम को इस तरह की गलतियाँ करते देखना किसी सदमे से कम नहीं है। पोंटिंग ने स्पष्ट किया कि फील्डिंग कोच और खिलाड़ी नेट्स पर घंटों पसीना बहा रहे हैं, लेकिन दबाव के क्षणों में मैदान पर वे अपनी तकनीक और एकाग्रता खो रहे हैं। पोंटिंग का मानना है कि यह केवल शारीरिक अभ्यास की कमी नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास का गिरना भी है। जब एक खिलाड़ी लगातार कैच छोड़ता है, तो अगली बार गेंद उसकी ओर आने पर वह और अधिक घबरा जाता है।
क्लासेन का जीवनदान बना टर्निंग पॉइंट
क्रिकेट में कहा जाता है कि कुछ बल्लेबाजों के कैच छोड़ना आपको मैच से बाहर कर सकता है। हेनरिक क्लासेन वर्तमान में दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में से एक हैं। उनका कैच छोड़ना पंजाब किंग्स को बहुत महंगा पड़ा। यदि शशांक ने वह कैच पकड़ा होता, तो हैदराबाद की पारी बीच के ओवरों में ही लड़खड़ा सकती थी। पोंटिंग ने संकेत दिया कि टीम मीटिंग्स में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा होगी, क्योंकि टूर्नामेंट के इस निर्णायक पड़ाव पर ऐसी गलतियां टीम को प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर सकती हैं।
सुधार की तत्काल आवश्यकता
पंजाब किंग्स वर्तमान में अंक तालिका में अच्छी स्थिति में है, लेकिन अगर उन्हें चैंपियन बनना है, तो अपनी फील्डिंग को सुधारना ही होगा। “कैच पकड़ो, मैच जीतो” का पुराना फॉर्मूला आज भी टी20 क्रिकेट में सबसे सटीक बैठता है। पोंटिंग की “वायरस” वाली टिप्पणी टीम के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि अगले मैचों में पंजाब के खिलाड़ी सुरक्षित हाथों के साथ मैदान पर उतरेंगे और इस ‘वायरस’ को खत्म करेंगे।