रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका में कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी हुई है। Q1 FY27 में GDP ग्रोथ 7.8% रही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। श्रीलंका के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग दोगुना हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है और वैश्विक स्तर पर कई देशों को आर्थिक विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
10-12 वर्षों में दोगुना हुआ अर्थव्यवस्था का आकार
राजनाथ सिंह ने भारत की आर्थिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद भारत को अपनी अर्थव्यवस्था का आकार एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने में करीब 60 वर्ष लगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की थी, लेकिन इसके बाद के 10 से 12 वर्षों में अर्थव्यवस्था का आकार लगभग दोगुना हो गया। रक्षा मंत्री ने इसे भारत की आर्थिक मजबूती और विकास की गति का महत्वपूर्ण संकेत बताया। उन्होंने कहा कि देश लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
वैश्विक विकास में भारत का अहम योगदान
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है। उन्होंने इसे देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। राजनाथ सिंह के अनुसार, जब दुनिया के कई हिस्से आर्थिक विकास की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, उस समय भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन देश की आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में देश की भूमिका और बढ़ सकती है।
GDP ग्रोथ करीब 7.8 प्रतिशत
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में भारत की मौजूदा GDP वृद्धि दर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की GDP ग्रोथ लगभग 7.8 प्रतिशत है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। पहली तिमाही में वास्तविक GDP का अनुमान 81.36 लाख करोड़ रुपये लगाया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये थी। इस तरह अर्थव्यवस्था में मजबूत विस्तार दर्ज किया गया।
RBI के अनुमान से भी बेहतर रहा विकास
भारत की 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि दर पहले लगाए गए अनुमानों से भी अधिक रही। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इससे पहले 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था। वास्तविक वृद्धि दर का अनुमान से अधिक रहना भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन की ओर संकेत करता है। राजनाथ सिंह ने भी अपने संबोधन में इसी आर्थिक मजबूती को रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की विकास दर महत्वपूर्ण है।
महंगाई पर भी राजनाथ सिंह ने रखा सरकार का पक्ष
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को बार-बार आने वाले महंगाई के चक्र का सामना करना पड़ता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों के दौरान औसत महंगाई दर 4.7 प्रतिशत रही है। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान महंगाई दर कई बार 10 से 11 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच गई थी। उन्होंने आर्थिक वृद्धि के साथ कीमतों को नियंत्रित रखने को भी सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया।
भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने पर जोर
राजनाथ सिंह का श्रीलंका दौरा केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है। भारत और श्रीलंका के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए रक्षा और समुद्री सहयोग भी उनके तीन दिवसीय दौरे के प्रमुख केंद्र में हैं। राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर तक श्रीलंका की यात्रा पर हैं और कोलंबो पहुंचने के बाद उन्होंने वहां भारतीय समुदाय से मुलाकात की। अपने दौरे के दौरान वह श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
रक्षा और समुद्री सहयोग रहेगा अहम मुद्दा
भारत और श्रीलंका के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा संबंधों का विशेष महत्व है। दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। राजनाथ सिंह की यात्रा के दौरान इन विषयों पर चर्चा के साथ-साथ दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों को नई दिशा देने पर भी जोर रहने की उम्मीद है। आर्थिक विकास पर भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ रक्षा मंत्री ने श्रीलंका में भारतीय समुदाय को यह संदेश भी दिया कि भारत अब वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मंच पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ वैश्विक भूमिका बढ़ाने का संदेश
राजनाथ सिंह के संबोधन का मुख्य संदेश भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, बढ़ती वैश्विक हिस्सेदारी और आर्थिक स्थिरता रहा। 7.8 प्रतिशत की पहली तिमाही GDP वृद्धि, पिछले एक दशक से अधिक समय में अर्थव्यवस्था के दोगुने होने और वैश्विक विकास में 16 प्रतिशत से अधिक योगदान जैसे आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत की आर्थिक क्षमता को सामने रखा। साथ ही, श्रीलंका यात्रा के जरिए भारत ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्र में अपने संबंधों को और मजबूत करने का संकेत दिया। कुल मिलाकर, राजनाथ सिंह का बयान भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करने वाला रहा।