महिला श्रम और कौशल को मिला मंच, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया उद्घाटन

महिला श्रम और कौशल को मिला मंच, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया उद्घाटन

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। 24 राज्यों की 300 स्टॉल्स में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद, हस्तशिल्प और ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित जवाहर कला केंद्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आई महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का निरीक्षण किया और उनके उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिससे न केवल ग्रामीण परिवार सशक्त हो रहे हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

महिला स्वयं सहायता समूहों के हुनर की सराहना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर महिलाओं से उनके उत्पादों, प्रशिक्षण और विपणन से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत, रचनात्मकता और उद्यमशीलता आज उन्हें नई पहचान दिला रही है। ऐसे आयोजन महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।

लखपति दीदियों से संवाद, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से संवाद करते हुए कहा कि ये समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं। महिलाएं अब घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक विकास में भी बराबर की भागीदारी निभा रही हैं।

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आत्मनिर्भर राजस्थान की झलक है सरस राजसखी मेला

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला इस बात का प्रमाण है कि सही नीतियां, मजबूत संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर राजस्थान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का जीवंत उदाहरण बताया।

24 राज्यों की 300 स्टॉल्स, ग्रामीण भारत की सांस्कृतिक पहचान

4 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में राजस्थान सहित देश के 24 राज्यों की करीब 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। यहां ग्रामीण भारत की लोक कला, हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है, जो देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य और आमजन रहे मौजूद

मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्य सचिव वी. निवास, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरी सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।

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