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राजस्थान शिक्षा विभाग ने राज्य में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 4,527 प्रिंसिपलों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस जंबो ट्रांसफर लिस्ट में कुल 508 पेज शामिल हैं, जिसे माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के ई-हस्ताक्षर से मान्यता दी गई है। आदेश के तहत सभी जिलों में प्रिंसिपलों का तबादला किया गया है और उन्हें शीघ्र ही नए स्कूलों में जॉइनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर-गांव संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान
इस बड़े तबादले में खास तौर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। लंबे समय से शहरों में कार्यरत प्रिंसिपलों को ग्रामीण इलाकों में स्थानांतरित किया गया है ताकि वहां भी अनुभवी नेतृत्व उपलब्ध हो सके। साथ ही, हाल ही में सीनियर सेकंडरी में क्रमोन्नत स्कूलों में नए प्रिंसिपल नियुक्त किए गए हैं, जिससे शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
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विधायकों की डिजायर को भी रखा गया ध्यान
तबादलों की प्रक्रिया में भाजपा विधायकों की पसंद और सुझावों को भी शामिल किया गया है। जिन इलाकों में विधायक नहीं थे, वहां पूर्व प्रत्याशी या सांसद से राय ली गई। कई विधायकों ने अपनी पसंद के साथ अतिरिक्त नाम भी प्रस्तावित किए हैं। यह लिस्ट लगभग 20 दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को प्रस्तुत की गई थी, लेकिन विधानसभा सत्र और श्राद्ध पक्ष के कारण लागू नहीं की जा सकी। नवरात्र के बाद सरकार ने इसे जारी करने का निर्णय लिया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बड़े फेरबदल से प्रशासनिक संतुलन तो बनेगा ही, साथ ही ग्रामीण स्कूलों में भी बेहतर नेतृत्व मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी। विशेषज्ञ भी इस फैसले को सकारात्मक बताते हुए इसे शिक्षण व्यवस्था में सुधार का बड़ा कदम मान रहे हैं।