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राजस्थान कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है। इस बैठक में भर्ती, पुरानी वाहनों से जुड़ी नई नीति, टैक्स में छूट, पर्यावरण सुरक्षा और डिजिटल नवाचार से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की जानकारी दी।
राजस्थान कैबिनेट बैठक में मंजूरी पाए प्रमुख निर्णय
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राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025: 15 साल से अधिक पुराने सरकारी वाहन, दुर्घटनाग्रस्त वाहन, अनुपयोगी वाहन और नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन अब स्क्रैप किए जा सकेंगे। वाहन मालिक को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (COD) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (CVS) मिलेगा। इसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपए) तक की छूट मिलेगी।
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नई गाड़ियों पर टैक्स में छूट: नई वाहन खरीद पर कर में छूट की नीति को मंजूरी।
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राजस्थान AIML पॉलिसी: सरकारी कर्मचारियों को AI और मशीन लर्निंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। नीति का उद्देश्य सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता और गति लाना है।
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मार्शल और अतिरिक्त मार्शल की भर्ती: विधानसभा में मार्शल, अतिरिक्त मार्शल और उप मार्शल के पदों पर भर्ती अब राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के अलावा सैन्य और अर्द्धसैन्य बलों के अधिकारियों के माध्यम से भी होगी।
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राजस्व लेखा सेवा नियम 2025: कैबिनेट ने राजस्व लेखा सेवा नियम को मंजूरी दी, जिसके तहत नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को शुद्ध कर राजस्व का उचित हिस्सा मिलेगा।
पर्यावरण और निवेश पर फोकस
PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि सरकार उन निवेशकों को प्रोत्साहित करेगी जो कम कार्बन उत्सर्जन और ग्रीन एनर्जी आधारित उद्योग लगाएंगे। जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी से जुड़े कामों को विशेष सहूलियत मिलेगी।
राज्य कर्मचारियों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण
AI और IT के महत्व को देखते हुए राज्य कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूल, कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में AI आधारित कार्यक्रम लागू होंगे। हर विभाग में AI नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और MSME सेक्टर तथा शैक्षणिक संस्थानों को भी मदद दी जाएगी।
इस कैबिनेट बैठक के निर्णयों का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों और निवेशकों के हित में सुधार लाना है बल्कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देना भी है।