हरजोत सिंह बैंस: भगवंत मान सरकार द्वारा पाठ्य पुस्तकों के वितरण में एकाधिकार समाप्त; निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को बोर्ड द्वारा सीधे तौर पर की जाएगी किताबों की सप्लाई

हरजोत सिंह बैंस: भगवंत मान सरकार द्वारा पाठ्य पुस्तकों के वितरण में एकाधिकार समाप्त; निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को बोर्ड द्वारा सीधे तौर पर की जाएगी किताबों की सप्लाई

हरजोत सिंह बैंस: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पाठ्य पुस्तकों की समय पर, पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ई-पोर्टल के साथ प्रत्यक्ष वितरण प्रणाली की शुरुआत की

राज्य में और बेहतर तथा व्यवस्थित तरीके से स्कूली शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक छात्र-केंद्रित कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों के लिए पाठ्य-पुस्तकों के वितरण में एक बड़ा सुधार किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) से संबंधित निजी स्कूलों में पढ़ रहे पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबों की सप्लाई सीधे तौर पर बोर्ड द्वारा की जाएगी। इस पहल से न केवल अधिकृत एजेंसियों और किताबें बेचने वाली दुकानों की एकाधिकार व्यवस्था खत्म होगी, बल्कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।

इस नए सुधार की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह निर्णय पारदर्शिता को बेहतर बनाने, परिवारों का खर्च कम करने और बिचौलियों पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ पाठ्य-पुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। हरजोत सिंह बैंस ने नए सिस्टम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “स्कूल सख्ती से यह सुनिश्चित करेंगे कि छपी हुई कीमत से अधिक कोई पैसा न लिया जाए। यह केवल किताबों के वितरण की सुविधा होगी, न कि राजस्व जुटाने का कोई माध्यम। इससे निजी स्कूलों के 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।”

पंजाब सरकार की सुलभ और किफायती शिक्षा पर केंद्रित पहल के संबंध में बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15% छूट, जो पहले किताब बेचने वालों को मिलती थी, अब स्कूलों के माध्यम से सीधे तौर पर विद्यार्थियों को मिलेगी। इस कदम से जहां परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होने की उम्मीद है, वहीं सिस्टम में अधिक जवाबदेही भी आएगी।

also read: पंजाब का युद्ध नशों विरुद्ध: मान सरकार के अधीन कार्रवाई…

इस बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पी.एस.ई.बी. ने प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल भी तैयार किया है। विद्यार्थी मोबाइल एप्लिकेशन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पाठ्य-पुस्तकों से संबंधित मांग दर्ज कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षा-वार और विषय-वार आवश्यकताओं को डिजिटल रूप में अपलोड कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “हर विद्यार्थी को व्यक्तिगत लॉगिन क्रेडेंशियल्स प्रदान किए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिभावक सीधे तौर पर ऑर्डर बुक कर सकें।”

बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि पोर्टल को एक सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान गेटवे से जोड़ा गया है, ताकि आसान, पारदर्शी और कुशल लेन-देन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम विशेष रूप से ओवरचार्जिंग की किसी भी प्रकार की गुंजाइश को खत्म करने और पूरी प्रक्रिया के दौरान पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्राप्त ऑर्डरों के आधार पर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा पाठ्य-पुस्तकों के बंडल तैयार किए जाएंगे, ताकि स्कूलों और विद्यार्थियों को समय पर डिलीवरी की जा सके। स्कूलों को अंडरटेकिंग जमा करवाकर यह पुष्टि करनी होगी कि नई नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और निर्धारित कीमत से अधिक कोई अतिरिक्त राशि नहीं वसूली जाएगी।

Related posts

एक साल में एनीमिया का बोझ 10 अंक कम करने का लक्ष्य, डॉ. सुमिता मिश्रा ने समन्वित प्रयासों पर दिया जोर

CM नायब सिंह सैनी ने 75 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, हिसार क्लस्टर का काम तेज करने के निर्देश

हरियाणा में 35.06 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंची सामाजिक सुरक्षा पेंशन, CM नायब सिंह सैनी ने ट्रांसफर किए ₹1,129 करोड़

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More