पंजाब सरकार ने प्ले-वे स्कूलों के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया

पंजाब सरकार ने प्ले-वे स्कूलों के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया

पंजाब सरकार ने प्ले-वे स्कूलों और छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

पंजाब सरकार ने राज्य के सभी प्ले-वे (Play-Way) स्कूलों और छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पढ़ाने वाले निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू किया है। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाना है। इस पोर्टल की घोषणा पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने की है।

पंजीकरण क्यों अनिवार्य?

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अब राज्य के सभी प्ले-वे स्कूलों का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर करना जरूरी होगा। इससे सरकार यह सुनिश्चित कर सकेगी कि बच्चे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा समग्र विकास पर लगातार निगरानी रखी जा सके।

एक समान पाठ्यक्रम (Uniform Curriculum)

मंत्री ने यह भी बताया कि छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एक समान पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जो एंगनवाड़ी केंद्रों, प्ले-वे स्कूलों और प्राथमिक विद्यालयों में लागू होगा। इस पाठ्यक्रम में किताबों के बजाय खेल-आधारित और रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल होंगी, जिससे बच्चे आसानी से सीख सकें और उनका समग्र विकास बेहतर हो।

एंगनवाड़ी कर्मियों का प्रशिक्षण

सरकार ने कहा कि एंगनवाड़ी कर्मियों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण फरवरी के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे कर्मचारी बच्चों की पढ़ाई और खेल-आधारित शिक्षण विधियों को सही तरीके से लागू कर सकेंगे।

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बाल विकास के लिए प्राथमिकता

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि बच्चे के पहले छह वर्षों में लगभग 90 प्रतिशत मस्तिष्क विकास होता है। इसलिए इस दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण देना अत्यंत आवश्यक है। पंजाब सरकार इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखकर कार्य कर रही है।

मिशन आरंभ और अभिभावकों की भागीदारी

पंजाब सरकार ने “Mission Aarambh” नामक कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत अभिभावकों को बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया में जोड़ा जा रहा है। अब तक लगभग 2,941 अभिभावक समूह बनाए गए हैं और अभिभावकों को डिजिटल कंटेंट और दैनिक गतिविधियाँ मोबाइल पर भेजकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार

सरकार ने बताया कि 1,000 नए आधुनिक एंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण लगभग ₹100 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इनमें से लगभग 700 केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष 300 केंद्र जल्द ही पूर्ण होंगे।

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