मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में ‘पंजाब का इतिहास’ पुस्तक का विमोचन किया। पंजाब कला परिषद के कार्यक्रम में तीन जिल्दों में प्रकाशित किताब रिलीज की गई।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की समृद्ध विरासत और इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘पंजाब का इतिहास’ का विमोचन किया। चंडीगढ़ में पंजाब कला परिषद की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने तीन जिल्दों में प्रकाशित इस पुस्तक को रिलीज किया। इस पुस्तक का संपादन स्वर्णजीत सिंह सवी, डॉ. योग राज और डॉ. अकाल अमृत कौर ने किया है।
तीन जिल्दों में प्रकाशित हुई पुस्तक
‘पंजाब का इतिहास’ पुस्तक को पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। तीन जिल्दों में प्रकाशित इस पुस्तक में पंजाब के इतिहास और इसकी समृद्ध विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।
पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसके संपादकों और इससे जुड़े लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है।
कला और साहित्य से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने पर जताई खुशी
ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸ – ਇਸ ਸਿਰਲੇਖ ਹੇਠ ਲਿਖੀ ਗਈ ਕਿਤਾਬ CM ਮਾਨ ਨੇ ਕੀਤੀ ਰਿਲੀਜ਼!
ਪੰਜਾਬ ਕਲਾ ਪਰਿਸ਼ਦ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵੱਲੋਂ ਆਯੋਜਿਤ ਇੱਕ ਖ਼ਾਸ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ CM @BhagwantMann ਨੇ ਸਵਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਵੀ, ਡਾ. ਯੋਗ ਰਾਜ ਅਤੇ ਡਾ. ਅਕਾਲ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਕੌਰ ਦੀ ਸੰਪਾਦਿਤ ਕੀਤੀ, 3 ਜਿਲਦਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ ਕਿਤਾਬ ‘ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸ’ ਰਿਲੀਜ਼ ਕੀਤੀ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸ਼ਾਨਾਮੱਤੀ ਵਿਰਾਸਤ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਇਸ ਕਿਤਾਬ ਲਈ ਲੇਖਕਾਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦਿਆਂ CM ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਲਾ, ਸਾਹਿਤ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨਾਲ਼ ਜੁੜੇ ਸਮਾਗਮਾਂ ‘ਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰ ਕੇ ਉਹ ਮਾਣ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਅਜਿਹੇ ਸਮਾਰੋਹ ਸਾਡੀਆਂ ਪਰੰਪਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਅਗਲੀ ਪੀੜ੍ਹੀ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹਨ।
— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 4, 2026
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़े आयोजनों में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा बनकर उन्हें गर्व महसूस होता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कला, साहित्य और संस्कृति समाज को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पंजाब की ऐतिहासिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।
पंजाब की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की शानामत्ता विरासत को संरक्षित रखने में साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों की अहम भूमिका है। उन्होंने ‘पंजाब का इतिहास’ जैसी पुस्तकों को इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए उपयोगी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को पंजाब के गौरवशाली इतिहास और परंपराओं से परिचित कराना जरूरी है। इसके लिए साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
पंजाब कला परिषद के आयोजन में हुआ विमोचन
चंडीगढ़ में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पंजाब कला परिषद की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। इसी आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने तीन जिल्दों में प्रकाशित ‘पंजाब का इतिहास’ का औपचारिक विमोचन किया।
पुस्तक के प्रकाशन को पंजाब के इतिहास, कला, साहित्य और संस्कृति को दस्तावेज के रूप में सामने लाने की दिशा में एक पहल के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुस्तक से जुड़े सभी लेखकों और संपादकों को शुभकामनाएं देते हुए पंजाब की विरासत को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।