पंजाब जेल सुधार: डॉ. बलबीर सिंह ने नशा मुक्ति और कैदियों के इलाज को बताया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

पंजाब जेल सुधार: डॉ. बलबीर सिंह ने नशा मुक्ति और कैदियों के इलाज को बताया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

 

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लुधियाना में जेल सुधार कार्यक्रम में भाग लिया। नशा मुक्ति और कैदियों के पुनर्वास पर विशेष जोर।

 

पंजाब की जेलों को ‘सुधार गृह’ बनाने की दिशा में मान सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह ने आज लुधियाना में यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) और पंजाब जेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान जेलों में नशा मुक्ति, HIV की रोकथाम और कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक नई कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

जेलों में सुधार: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार जेलों के माहौल को सुधारने और वहां बंद कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

“जेलों में सुधार हमारा प्रमुख एजेंडा है। कैदियों को नशों की दलदल से बाहर निकालना, उन्हें मानक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना और उनकी मानसिक स्थिति को मजबूत करना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। हम जेलों को केवल सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि सुधार केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं।”

नशा मुक्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि UNODC के सहयोग से जेलों में उन स्वास्थ्य मानकों को लागू किया जा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, सरकार की रणनीति तीन प्रमुख स्तंभों पर टिकी है:

  • नशा मुक्ति (De-addiction): जेलों में नशा छोड़ने के लिए विशेष चिकित्सा प्रोटोकॉल और काउंसलिंग।
  • HIV/AIDS की रोकथाम: कैदियों के बीच संक्रमण को रोकने के लिए नियमित जांच और जागरूकता कार्यक्रम।
  • मानसिक स्वास्थ्य: कैदियों को डिप्रेशन और तनाव से मुक्त रखने के लिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष सत्र।

‘मान सरकार’ का उद्देश्य: मुख्यधारा में वापसी

कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह और डॉ. बलबीर सिंह ने पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय चर्चा भी की। बैठक का मुख्य बिंदु जेलों के वातावरण को ‘पॉजिटिव’ बनाना था। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि एक कैदी जेल से बाहर निकलकर नशा मुक्त और मानसिक रूप से स्वस्थ होकर समाज का हिस्सा बनता है, तो यह सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

कानून और सुधार का संतुलन

मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मान सरकार का प्रयास है कि कानून का पालन भी हो और मानवता के नाते कैदियों को सुधरने का अवसर भी मिले। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे कैदियों की स्वास्थ्य रिपोर्ट पर विशेष ध्यान दें और उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान करें।

जेल विभाग के अधिकारियों ने इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री को जेलों में चल रहे मौजूदा सुधार कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने भी माना कि पंजाब सरकार का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।

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