बलबीर सिंह: पंजाब में हेल्थ क्रांति का दावा, 206 डायलिसिस मशीनें और मुफ्त किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट पर AAP का फोकस

बलबीर सिंह: पंजाब में हेल्थ क्रांति का दावा, 206 डायलिसिस मशीनें और मुफ्त किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट पर AAP का फोकस

 

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। डायलिसिस मशीनें 110 से बढ़कर 206 और 5.33 लाख मरीजों को सुविधा मिलने का दावा किया।

पंजाब की भगवंत मान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार बड़े बदलावों का दावा कर रही है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने राज्य में डायलिसिस और अंग प्रत्यारोपण की सुविधाओं को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने पर है।

बलबीर सिंह के अनुसार, राज्य में किडनी और लिवर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए ट्रांसप्लांट की सुविधा तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका दावा है कि इन सुविधाओं से जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल रही है।

डायलिसिस मशीनों की संख्या 110 से बढ़कर 206 होने का दावा

स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब में डायलिसिस सेवाओं को मजबूत करने के लिए मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है। AAP के मुताबिक, पहले राज्य में 110 डायलिसिस मशीनें थीं, जिन्हें बढ़ाकर 206 कर दिया गया है।

सरकार का दावा है कि इस विस्तार के बाद डायलिसिस सुविधा पाने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। AAP के अनुसार, पहले करीब 32 हजार मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल रही थी, जबकि अब यह सुविधा लगभग 56 हजार मरीजों तक पहुंच रही है।

10 लाख रुपये के हेल्थ कार्ड का भी जिक्र

AAP ने अपने बयान में 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर वाले हेल्थ कार्ड का भी जिक्र किया है। पार्टी के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत मरीजों को निजी अस्पतालों में भी डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

बलबीर सिंह के मुताबिक, करीब 5.33 लाख मरीज इस स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से डायलिसिस की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों के लिए इलाज के विकल्प बढ़े हैं।

किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट पर जोर

पंजाब सरकार की ओर से किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा को लेकर भी जोर दिया जा रहा है। AAP का कहना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ट्रांसप्लांट की सुविधा तक पहुंच दिलाने का उद्देश्य इलाज को अधिक सुलभ बनाना है।

पार्टी ने दावा किया कि ट्रांसप्लांट की सुविधा तक पहुंच बढ़ने से किडनी और लिवर के मरीजों के लिए इलाज के नए विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। हालांकि, ट्रांसप्लांट की वास्तविक उपलब्धता, पात्रता और अस्पताल-विशेष सुविधाएं संबंधित चिकित्सा संस्थानों और सरकारी नियमों पर निर्भर करती हैं।

सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव का किया दावा

AAP पंजाब ने इन आंकड़ों को भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों से जोड़कर पेश किया है। पार्टी का कहना है कि डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाने, निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य कार्ड के जरिए इलाज की सुविधा देने और ट्रांसप्लांट सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने से गंभीर रोगियों को राहत मिल रही है।

स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने भी इन पहलों को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। हालांकि, दिए गए बयान में इन आंकड़ों का स्वतंत्र ऑडिट या विस्तृत सरकारी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए आंकड़ों की पूरी पुष्टि के लिए संबंधित स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड देखना जरूरी होगा।

मरीजों के लिए इलाज की पहुंच बढ़ाने पर फोकस

पंजाब सरकार के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर और किफायती उपचार उपलब्ध कराना है। डायलिसिस जैसी नियमित चिकित्सा जरूरतों में मशीनों की संख्या बढ़ने से मरीजों की पहुंच बढ़ाने का दावा किया गया है।

वहीं, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा सेवाओं को लेकर भी सरकार की ओर से पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। AAP ने इन कदमों को पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जोड़ते हुए सरकार की उपलब्धियां बताया है।

 

 

Related posts

सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों पर CM नायब सैनी की समीक्षा, 17 सितंबर से शुरू होंगे कई कार्यक्रम

हरियाणा में 1 अक्टूबर से धान खरीद की तैयारी तेज, श्याम सिंह राणा ने मंडियों के पुख्ता इंतजाम के दिए निर्देश

हरियाणा में गुड गवर्नेंस पर CM नायब सिंह सैनी की अहम बैठक, जनकल्याणकारी योजनाओं की बेहतर पहुंच पर जोर

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More