पंजाब सरकार ने जालंधर में 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा कर श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित करने का ऐतिहासिक कदम उठाया।
पंजाब सरकार ने करतारपुर रोड स्थित गांव नौगज्जा और फरीदपुर में 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लेकर ‘श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र’ की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने लंबे समय से चली आ रही संगत की मांग को पूरा किया है। भूमि कब्जा प्रक्रिया अधिकारियों और डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरी की गई।
अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र बनेगा करतारपुर रोड पर
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस भूमि पर अत्याधुनिक श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र बनाया जाएगा। यह केंद्र गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को समर्पित एक विश्व स्तरीय संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने हाई-टेंशन बिजली की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए 55 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इससे निर्माण प्रक्रिया तेज और सुचारू रूप से पूरी हो सकेगी।
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गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का वैश्विक प्रसार
सरकार का कहना है कि यह केंद्र केवल एक भवन नहीं होगा, बल्कि गुरु रविदास जी के संदेश और सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण को विश्व स्तर पर फैलाने का माध्यम बनेगा। यहां प्रशिक्षित विद्वान तैयार किए जाएंगे जो गुरु जी की बाणी और उनके आध्यात्मिक व सामाजिक संदेश का अध्ययन और शोध कर इसे वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
650वां प्रकाश पर्व बड़े स्तर पर मनाया जाएगा
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। राज्य भर में साल भर चलने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य गुरु जी की शिक्षाओं और सांप्रदायिक सद्भाव के संदेश को व्यापक रूप से फैलाना है।
समयबद्ध कार्रवाई से पूरी हुई मांग
वित्त मंत्री ने बताया कि भूमि की रजिस्ट्री पहले ही पूरी हो चुकी थी और कब्जा मिलने से परियोजना अब अपने महत्वपूर्ण कार्य चरण में प्रवेश कर गई है। विशेषज्ञों द्वारा केंद्र का डिजाइन और लेआउट योजना तैयार की जा रही है और जल्द ही टेंडर जारी होंगे।
डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रतिनिधियों ने इस पहल के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह लंबे समय से संगत की प्रतीक्षित मांग थी, जो अब पूरी हो गई है।
धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान
यह परियोजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि शिक्षा और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में भी एक मजबूत पहल मानी जा रही है। पंजाब सरकार का यह कदम गुरु रविदास जी की विरासत को संरक्षित रखने और विश्व स्तर पर प्रचारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।