पंजाब में कथित जीएसटी कर चोरी के मामले में ₹429.30 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है। हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, ₹2,410.22 करोड़ के लेनदेन और 62 फर्मों से जुड़े मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में जीएसटी कर चोरी के मामले को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बड़ी जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के करीब ₹2,450 करोड़ के लेनदेन में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। इस मामले में लगभग ₹425 करोड़ की जीएसटी कर चोरी का खुलासा होने की बात कही गई है।
₹2,450 करोड़ के लेनदेन में कथित गड़बड़ी
ਟੈਕਸ ਚੋਰੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਵੱਡਾ ਐਕਸ਼ਨ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ
👉🏻 GST ਦੀ ₹425 ਕਰੋੜ ਦੀ ਟੈਕਸ ਚੋਰੀ ਦਾ ਹੋਇਆ ਪਰਦਾਫ਼ਾਸ਼
👉🏻 ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਕੰਪਨੀ ਨੇ ₹2450 ਕਰੋੜ ਦੇ ਟ੍ਰਾਂਜ਼ੈਕਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਕੀਤੀ ਸੀ ਗੜਬੜੀ
👉🏻 ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੂਬਿਆਂ ‘ਚ ਬਣਾਈਆਂ ਸਨ 62 ਫਰਮਾਂ
👉🏻 ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ‘ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਸਖ਼ਤ ਤੋਂ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 15, 2026
हरपाल सिंह चीमा द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, जांच में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के बड़े वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी सामने आई है। बताया गया है कि कंपनी ने अलग-अलग राज्यों में 62 फर्में बनाई थीं। इन फर्मों के माध्यम से कथित तौर पर कर संबंधी अनियमितताएं की गईं।
62 फर्मों की भूमिका की जांच
इस मामले में विभिन्न राज्यों में बनाई गई 62 फर्मों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। ₹2,450 करोड़ के लेनदेन और ₹425 करोड़ की कथित जीएसटी कर चोरी से जुड़े मामले में संबंधित रिकॉर्ड और लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कर चोरी के मामलों पर कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी राजस्व की रक्षा करना और कर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
हालांकि, मामले में संबंधित कंपनी की पहचान, जांच की मौजूदा स्थिति और संभावित कानूनी कार्रवाई से जुड़े विस्तृत आधिकारिक विवरण की पुष्टि संबंधित विभाग के बयान या आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।