शिक्षा क्रांति: पंजाब के सरकारी स्कूल अब देश में नंबर 1, अरविंद केजरीवाल ने कहा – बदल रही है पंजाब की तस्वीर

शिक्षा क्रांति: पंजाब के सरकारी स्कूल अब देश में नंबर 1, अरविंद केजरीवाल ने कहा - बदल रही है पंजाब की तस्वीर

 

नीति आयोग की रिपोर्ट में पंजाब के सरकारी स्कूल बने देश में नंबर 1। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की शिक्षा क्रांति और स्कूलों में हुए बदलावों की सराहना की।

आम आदमी पार्टी (AAP) के शिक्षा मॉडल ने एक बार फिर देश में नई मिसाल पेश की है। दिल्ली में सरकारी स्कूलों की कायापलट करने के बाद, अब पंजाब में भी शिक्षा क्रांति का असर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। नीति आयोग की ‘एजुकेशन क्वालिटी रिपोर्ट 2026’ में पंजाब के सरकारी स्कूलों ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। कभी 27वें नंबर पर रहने वाला पंजाब आज केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर नंबर 1 पर पहुंच गया है, जिसे अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ और सरकारी स्कूलों के ऐतिहासिक बदलाव का नतीजा बताया है।

अर्श से फर्श तक का सफर: 27वीं रैंक से नंबर 1 तक

एक समय था जब पंजाब के सरकारी स्कूलों की हालत बदतर थी, लेकिन 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से इन स्कूलों में बुनियादी स्तर पर बड़े बदलाव किए गए। अरविंद केजरीवाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि पंजाब के हर उस बच्चे, शिक्षक और अभिभावक की जीत है, जिन्होंने सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ पर अपना अटूट भरोसा जताया।

शिक्षा क्रांति के मुख्य स्तंभ:

  • आधारभूत संरचना: राज्य के 99.9% स्कूलों में बिजली की आपूर्ति और 80% से अधिक स्कूलों में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
  • प्रशिक्षण: शिक्षकों को फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में पेशेवर प्रशिक्षण के लिए भेजा गया, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण विधियों को अपनाकर छात्रों का मार्गदर्शन कर सकें।
  • स्कूल ऑफ एमिनेस: पंजाब भर में ‘स्कूल ऑफ एमिनेस’ की शुरुआत की गई, जो आज सुविधाओं और शिक्षा के स्तर में निजी स्कूलों को भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
  • बेहतरीन परीक्षा परिणाम: सरकारी स्कूलों के छात्रों ने JEE और NEET जैसी देश की कठिन प्रवेश परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिससे यह साबित हो गया है कि सही संसाधन मिलने पर सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं।

‘नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे छात्र’

शिक्षा में गुणात्मक सुधार के साथ-साथ पंजाब सरकार ने पाठ्यक्रमों में भी क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अरविंद केजरीवाल का मानना है कि केवल रटने की शिक्षा से देश का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। इसी सोच के साथ पंजाब में ‘अनिवार्य बिजनेस कोर्स’ शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को ‘जॉब सीकर’ (नौकरी चाहने वाले) से बदलकर ‘जॉब क्रिएटर’ (रोजगार देने वाले) बनाना है।

क्या बोले अरविंद केजरीवाल?

अरविंद केजरीवाल ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “हमने दिल्ली में जो शुरुआत की थी, आज वह पंजाब में भी फलीभूत हो रही है। हमारा लक्ष्य सरकारी स्कूलों से गरीब और अमीर का भेद मिटाना और इन्हें देश का सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान बनाना है। आज पंजाब के सरकारी स्कूल माता-पिता की पहली पसंद बन रहे हैं, और यही पंजाब की शिक्षा क्रांति की सबसे बड़ी सफलता है।”

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