मुख्यमंत्री भगवंत मान और मंत्री संजीव अरोड़ा ने साझा किया कि पंजाब सरकार ने बिजली दरों में कटौती की और 3% इंडस्ट्री रेट बढ़ोतरी को लागू नहीं किया। जानिए कैसे सरकार बढ़ा रही बिजली विभाग की दक्षता और जनता को सुविधाएं।
पंजाब सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों के लिए राहत देने के साथ-साथ बिजली विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान और कबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपने X पेज पर साझा की।
मुख्यमंत्री और मंत्री के अनुसार, इस वर्ष रेगुलेटरी कमीशन द्वारा बढ़ाई गई बिजली दरों में कटौती की गई है, जिससे सभी प्रकार के उपभोक्ताओं के लिए बिजली सस्ती हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योगों के लिए तय की गई 3% दर वृद्धि को लागू नहीं किया गया, ताकि उद्योगों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।
ਬਿਜਲੀ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਕਾਰਗ਼ੁਜ਼ਾਰੀ ਵਧਾਉਣਾ ਸਾਡਾ ਟੀਚਾ!
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ @BhagwantMann ਦੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ‘ਚ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @SanjeevArora_PB ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ
👉🏻 ਰੈਗੂਲੇਟਰੀ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਵਧਾਏ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਭਾਅ ਅਸੀਂ ਇਸ ਸਾਲ ਘਟਾਏ, ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਭਾਅ ‘ਚ ਕੀਤੀ ਕਟੌਤੀ
👉🏻 ਉਦਯੋਗਾਂ ਵੱਲੋਂ 3% ਦੇ ਵਾਧੇ ਦੀ ਸਹਿਮਤੀ ਦੇ… pic.twitter.com/mmzFvJmkyb— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 6, 2026
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह योजना योजनाबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, जिससे बिजली बोर्ड की दक्षता में सुधार हो और जनता को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि हो।
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जाहिर है कि यह कदम सरकार की उपभोक्ता हित और विभागीय सुधार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी पुष्टि की कि बिजली क्षेत्र में दक्षता सुधार और सेवा उन्नयन उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
इस पहल से न केवल बिजली की लागत में कमी आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर सुविधा और समर्थन भी मिलेगा।