भगवंत सिंह मान सरकार की शिक्षा क्रांति का असर, पंजाब के 416 सरकारी स्कूलों की 12वीं कक्षा का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा

भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति का असर, पंजाब के 416 सरकारी स्कूलों की 12वीं कक्षा का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 12वीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों को किया सम्मानित; कहा, पंजाब की बेटियां शिक्षा के पुनरुत्थान में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं

मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिवांशी ने 500 में 500 अंक प्राप्त कर पंजाब का नाम रोशन किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

12वीं कक्षा की मेरिट सूची में आने वाले 275 विद्यार्थियों में से 122 सरकारी स्कूलों के हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

बारहवीं कक्षा के नतीजों में लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पछाड़ा, 94.73 प्रतिशत लड़कियों और 88.52 प्रतिशत लड़कों ने परीक्षा पास की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

तीनों टॉपर छात्राएं राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ी, जो दर्शाता है कि लड़कियां हर क्षेत्र में आगे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में 12वीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात की, तीनों टॉपर लड़कियों को 50,000 रुपए नकद पुरस्कार देकर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की शिक्षा क्रांति के तहत पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में 416 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
हाल ही में आए 12वीं के नतीजों में लड़कियों ने एक बार फिर मेरिट सूची और पास प्रतिशतता में बाजी मारी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 500 में 500 अंक हासिल कर अव्वल रहने वाली पंजाब की तीन बेटियों मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिवांशी की भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि लड़कियां शिक्षा के पुनरुत्थान का नेतृत्व कर रही हैं।

सरकारी स्कूलों में शिक्षा के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हुए, मेरिट सूची में शामिल 275 विद्यार्थियों में से 122 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के हैं। यह आप सरकार के अंतर्गत बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, आधुनिक क्लासरूमों और केंद्रित शैक्षणिक सुधारों से लैस पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिवांशी को 500 में 500 अंक प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थिनियों को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए 50,000 रुपए की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।

विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि तीनों टॉपर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ी हैं, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वे हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “सभी टॉपर साधारण पृष्ठभूमि से हैं और मेहनत व समर्पण से जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छूना चाहती हैं। पंजाब सरकार उनके सपनों को साकार करने में उन्हें पूरा समर्थन और सहयोग देगी।”

शिक्षा क्षेत्र में लड़कियों के लगातार शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि शिक्षा के प्रसार के साथ लड़कियों ने न सिर्फ शिक्षा क्षेत्र में बल्कि हर क्षेत्र में लड़कों को पछाड़ दिया है। समय ने साबित कर दिया है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं।”

इन उपलब्धियों को सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह लड़कियों का असली सशक्तिकरण है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक पुनरुत्थान और पंजाब व देश की शानदार प्रगति की नई शुरुआत है।”

नतीजों का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 2.65 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से करीब 2.42 लाख पास हुए, जिससे कुल पास प्रतिशतता लगभग 91.46 प्रतिशत रही। लड़कियों का पास प्रतिशत 94.73 प्रतिशत और लड़कों का 88.52 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि अमृतसर जिले ने सूबे में सबसे ज्यादा 96 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेरिट में पटियाला जिले ने बाजी मारी है, जहां सबसे ज्यादा 59 विद्यार्थी मेरिट सूची में आए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले सालों के रुझान को बनाए रखते हुए लड़कियों ने एक बार फिर नतीजों में लड़कों को पछाड़ दिया है। मेरिट सूची में आने वाले कुल 278 विद्यार्थियों में 217 लड़कियां और 61 लड़के हैं।”

सरकारी स्कूलों में शिक्षा के लगातार सुधरते स्तर पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के सख्त प्रयासों से सरकारी स्कूलों के 122 विद्यार्थी मेरिट सूची में आए हैं, जो कुल मेरिट वाले विद्यार्थियों का 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि 416 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत रिजल्ट दर्ज किए हैं।

बातचीत के दौरान एक टॉपर विद्यार्थिनी ने भारतीय वायुसेना में पायलट बनने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हथियारबंद बलों में शामिल होने की चाह रखने वाली लड़कियों को मोहाली के माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स में दाखिला लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह संस्था बहुत शानदार प्रदर्शन कर रही है और देश में अपनी तरह की इकलौती पूर्ण रूप से आवासीय संस्था है, जो नौजवान लड़कियों को रक्षा सेवाओं में कमीशंड अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षण देती है।”

उन्होंने आगे कहा, “लड़कियों को राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबले के योग्य बनाने के लिए उन्हें यहां शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें उन्हें एएफसीएटी, सीडीएस और एसएसबी परीक्षाओं को पास करने के लिए उचित तैयारी करवाई जाती है।”

इस मौके पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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