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पंजाब ने शिक्षा में चार वर्षों में अभूतपूर्व सुधार किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में प्रदेश की उपलब्धियाँ, बजट और छात्रों की सफलता के आंकड़े साझा किए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों और आने वाली योजनाओं का विवरण साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब शिक्षा में देश के स्तर पर नेतृत्व कर रहा है और यह बदलाव छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा तंत्र की संयुक्त मेहनत का परिणाम है।
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शिक्षा बजट में बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2026‑27 के लिए पंजाब सरकार ने शिक्षा विभाग के बजट को 19,279 करोड़ रुपए तय किया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण के कार्यों के लिए 3,500 करोड़ रुपए का विशेष बजट अलग से आवंटित किया गया है। यह निवेश प्रदेश में शिक्षा सुधार की निरंतरता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया गया है।
ਸ਼ਾਨਦਾਰ 4 ਸਾਲ, ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੇ ਨਾਲ, ਸਿੱਖਿਆ ਖੇਤਰ ‘ਚ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਕੀਤੇ ਕਮਾਲ!🏫📚
ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫ਼ਰੰਸ ‘ਚ CM @BhagwantMann ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਵੇਰਵੇ
🔹 ਬਜਟ:💰
🔸 ਸਾਲ 2026-27 ਵਿੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਦਾ ਬਜਟ ਰੱਖਿਆ ₹19,279 ਕਰੋੜ
🔸 ਸਿੱਖਿਆ ਕ੍ਰਾਂਤੀ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੜਾਅ ਅਧੀਨ ₹3,500 ਕਰੋੜ ਦਾ ਬਜਟ🔹 ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ:🏅
🔸 ਨੈਸ਼ਨਲ… pic.twitter.com/1tHmpkm5H1— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 30, 2026
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियाँ
पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पहली बार देशभर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। पिछले तीन वर्षों में 740 छात्रों ने JEE परीक्षा में सफलता पाई है, जबकि पिछले दो वर्षों में 1,284 छात्रों का NEET परीक्षा के लिए चयन हुआ। इस सर्वेक्षण में पंजाब का औसत स्कोर पूरे देश के औसत से 18 प्रतिशत अधिक रहा, जो प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोतरी को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का संदेश
भगवंत मान ने कहा कि ये उपलब्धियाँ केवल छात्रों की नहीं, बल्कि शिक्षकों और पूरे शिक्षा तंत्र की मेहनत का नतीजा हैं। उन्होंने भविष्य में शिक्षा सुधार की गति बनाए रखने और नई योजनाओं के कार्यान्वयन पर जोर दिया।