मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली कैबिनेट की ओर से लैंड पूलिंग के लाभों में वृद्धि

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली कैबिनेट की ओर से लैंड पूलिंग के लाभों में वृद्धि

 

 ज़मीन मालिकों के लिए आवासीय और व्यावसायिक प्लॉटों का क्षेत्र बढ़ाया गया

ज़मीन अधिग्रहण के दौरान ज़मीन मालिकों को मिलेंगे अधिक आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट: हरपाल सिंह चीमा

 

ज़मीन मालिकों की चिंताओं को दूर करने और ज़मीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को अधिक लाभ देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट ने ज़मीन मालिकों के लाभों से संबंधित मौजूदा नीति में संशोधनों को मंजूरी दे दी है तथा राहत के लिए कई अन्य कदमों की भी शुरुआत की है।

यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।

ज़मीन अधिग्रहण के दौरान ज़मीन मालिकों के लिए बढ़े हुए लाभों के बारे में विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने ज़मीन मालिकों के लिए आवासीय और व्यावसायिक प्लॉटों का क्षेत्र बढ़ाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दी है, जबकि हितधारकों के सामने आने वाली चिंताओं और व्यावहारिक कठिनाइयों को हल करने के लिए ‘आउस्टी पॉलिसी’ में भी कई बदलाव किए गए हैं।

संशोधित नियमों के अनुसार लैंड पूलिंग के तहत आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी चुनने वाले ज़मीन मालिकों को प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट मिलते रहेंगे, जबकि कमर्शियल जगह को 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दिया गया है। जो लोग केवल आवासीय श्रेणी चुनते हैं, उन्हें अब 1,600 वर्ग गज की जगह 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ मिलेगा, जबकि व्यावसायिक श्रेणी के प्रोजेक्ट्स के लिए व्यावसायिक जगह 800 वर्ग गज से बढ़ाकर 840 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है।

कैबिनेट ने आउस्टी पॉलिसी में संशोधनों को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत वह ज़मीन मालिक जिनकी 1 एकड़ ज़मीन अधिग्रहित की जाती है, वे 200 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे; जिनकी अधिग्रहित ज़मीन 1 एकड़ से अधिक और 2.5 एकड़ तक है, उन्हें 300 वर्ग गज का प्लॉट मिलेगा; जबकि जिनकी अधिग्रहित ज़मीन 2.5 एकड़ से अधिक है, वे 500 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे।

कैबिनेट ने छोटे किसानों के लिए विशेष लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है और ‘सुविधा सर्टिफिकेट’ की अवधि दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी है। इसके अलावा इस नीति के तहत विकसित प्लॉट लेने वाले असली ज़मीन मालिकों को रजिस्ट्रेशन या कन्वेयंस डीड के समय स्टांप ड्यूटी या अन्य खर्च नहीं देने पड़ेंगे। वैकल्पिक रूप से वे अधिग्रहित ज़मीन के कलेक्टर रेट पर गणना किए गए मूल्य तक पंजाब में कहीं भी ज़मीन खरीदते समय स्टांप ड्यूटी की छूट का लाभ ले सकते हैं।

योग्य ज़मीन मालिकों को एक तरजीही ट्यूबवेल कनेक्शन भी मिलेगा, जबकि इस नीति में भाग लेने वाले किसान प्राथमिक स्थानों पर प्लॉटों की आबंटन के योग्य होंगे।

इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने मौजूदा नीति संबंधी ज़मीन मालिकों और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया था और उनके सुझावों तथा चिंताओं को मुख्य रखते हुए इन संशोधनों को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा, “आवासीय और व्यावसायिक विकल्प के तहत आवासीय जगह प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज ही रहेगी, जबकि व्यावसायिक जगह 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है। यदि कोई ज़मीन मालिक व्यावसायिक जगह की बजाय केवल आवासीय प्लॉट चुनता है तो आवासीय जगह 1,600 वर्ग गज से बढ़ाकर 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है।”

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