मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1 मई को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। मजदूर दिवस पर होने वाले इस सत्र में कामगारों के मुद्दों और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी।
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने आगामी 1 मई को पंजाब विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। यह फैसला मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस सत्र की घोषणा ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विशेष रूप से यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार भाजपा पर ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सत्र में केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
मजदूर दिवस को समर्पित: श्रमिक संघ बनेंगे विशेष अतिथि
ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਕੈਬਨਿਟ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਫੈਸਲਾ ਲੈਂਦਿਆਂ 1 ਮਈ ਨੂੰ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇਜਲਾਸ ਬੁਲਾਉਣ ਦਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਇੱਕ ਦਿਨਾਂ ਇਜਲਾਸ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਵਡਮੁੱਲਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਵਾਲੇ ਮਿਹਨਤਕਸ਼ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਅਤੇ ਕਿਰਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਹੋਵੇਗਾ। ਇਸ ਇਤਿਹਾਸਕ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਤਹਿਤ… pic.twitter.com/LnvtR3PZpH
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 28, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह सत्र अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) के अवसर पर पूरी तरह से देश के कामगारों और शिल्पकारों को समर्पित किया गया है। उन्होंने इसे उन मजदूरों के प्रति एक श्रद्धांजलि बताया जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस ऐतिहासिक सत्र के दौरान विभिन्न श्रमिक संघों (Labour Unions) के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में विधानसभा में आमंत्रित किया जाएगा।
मनरेगा (MNREGA) में बदलाव और श्रमिकों के मुद्दों पर होगी चर्चा
इस विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा श्रमिकों से जुड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना होगा। सदन में विशेष रूप से मनरेगा (MNREGA) योजना में प्रस्तावित बदलावों और उनके श्रमिकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, सरकार इस सत्र के माध्यम से यह संदेश देना चाहती है कि वह कामगार वर्ग के लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, रोजगार से संबंधित अन्य नीतियों में बदलाव से होने वाले नकारात्मक प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की जा सकती है।
विधायी कार्य और लोकतंत्र की मजबूती पर जोर
श्रमिकों के मुद्दों के साथ-साथ सत्र के दौरान अन्य आवश्यक विधायी कार्यों को भी निपटाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सत्र का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और पंजाब के हित में ठोस कदम उठाना है। एक दिवसीय होने के बावजूद, यह सत्र अपनी टाइमिंग और चर्चा के विषयों के कारण राज्य की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।