प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां

प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम मुद्रा योजना के 11 साल पूरे होने पर इसकी सफलता की सराहना की; अमित शाह ने बताया कि 58 करोड़ ऋण से 12 करोड़ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के 11 वर्ष पूरे होने पर इसकी सफलता और प्रभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस योजना ने देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने X पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न केवल खुद सशक्त बनता है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अहम योगदान देता है। उन्होंने इस योजना को युवाओं के लिए अवसरों का एक मजबूत मंच बताया, जिसने लाखों लोगों को अपनी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ने का रास्ता दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि चुनौतियों के बीच धैर्य और संयम बनाए रखना ही वास्तविक बुद्धिमत्ता का प्रतीक है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी योजना की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि पिछले 11 वर्षों में इस योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।

अमित शाह ने कहा कि इस पहल ने छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और युवाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद की है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना से करीब 12 करोड़ युवाओं को लाभ मिला है, जिससे देश में रोजगार सृजन को नई गति मिली है।

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महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में शाह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल ऋणों में से लगभग दो-तिहाई ऋण महिलाओं को मिले हैं, जो इस योजना की एक बड़ी उपलब्धि है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि क्षेत्रों में काम करने वाले छोटे उद्यमियों को बिना गारंटी के आसान ऋण उपलब्ध कराना है।

इस योजना के तहत ऋण चार श्रेणियों—शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस—में दिए जाते हैं, जिससे छोटे व्यापार, सेवा क्षेत्र और कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश में उद्यमिता और रोजगार सृजन को नई दिशा दी है।

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