गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश बना यूपी: पीएम मोदी कल करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, देश के नेटवर्क में राज्य की हिस्सेदारी होगी 60%

गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश बना यूपी: पीएम मोदी कल करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, देश के नेटवर्क में राज्य की हिस्सेदारी होगी 60%

प्रधानमंत्री मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही यूपी में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1910 किमी हो जाएगी, जो देश के कुल नेटवर्क का 60% है।

उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में बुधवार, 29 अप्रैल का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इस महा-परियोजना के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1910 किलोमीटर हो जाएगी। इसके साथ ही, भारत के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, जो राज्य को देश के अग्रणी ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में मजबूती से स्थापित करेगा।

मेरठ से प्रयागराज: पश्चिम से पूरब तक सीधा जुड़ाव

गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी एक्सप्रेसवे परियोजना है, जिसे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने रिकॉर्ड समय में तैयार किया है। मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला यह 6-लेन प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के 519 गांवों से होकर गुजरता है। सरकार ने इसके निर्माण पर 36,230 करोड़ रुपये का निवेश किया है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे 8-लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान भी रखा गया है।

मई में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सौगात

गंगा एक्सप्रेसवे के बाद राज्य को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है। निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण भी मई माह में होना तय है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा निर्मित इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़कर 1973 किलोमीटर हो जाएगी। यह कनेक्टिविटी न केवल यात्रा का समय घटाएगी, बल्कि औद्योगिक गलियारों के निर्माण, व्यापार और लोगों के आवागमन को एक नई रफ़्तार प्रदान करेगी।

इंजीनियरिंग का कमाल: 453 अंडरपास और 14 बड़े पुल

गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार निर्बाध रखने के लिए बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक संरचनाओं का निर्माण किया गया है। यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर 14 बड़े पुल, 165 छोटे पुल, 32 फ्लाईओवर और 7 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए गए हैं। स्थानीय आवागमन में बाधा न आए, इसके लिए 453 वाहन अंडरपास और 795 पुलिया का निर्माण हुआ है। इसके अलावा, शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी तैयार की गई है, जिसका उपयोग आपातकालीन लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए 9 जन सुविधा केंद्र और 17 इंटरचेंज भी बनाए गए हैं।

मिशन 2029: 3200 किलोमीटर की कनेक्टिविटी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप यूपीडा ने अब भविष्य की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में 11 नए एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाए। इसके बाद उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल 3200 किलोमीटर तक फैल जाएगा। यह विशाल नेटवर्क राज्य को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के संकल्प को पूरा करने में रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

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