Paytm Pocket Money Launch: पेटीएम ने टीनेजर्स के लिए ‘पॉकेट मनी’ फीचर पेश किया है। अब बच्चे बिना बैंक अकाउंट के भी ₹15,000 महीने तक सुरक्षित यूपीआई पेमेंट्स कर सकेंगे।
Paytm Pocket Money: बिना बैंक अकाउंट के भी टीनेजर्स कर सकेंगे UPI पेमेंट्स, पेटीएम ने लॉन्च किया नया ‘पॉकेट मनी’ फीचर
डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया में क्रांति लाने के बाद, पेटीएम (Paytm) ने अब देश के करोड़ों टीनेजर्स (किशोरों) और छात्रों को ध्यान में रखते हुए एक बेहद खास और अनूठा फीचर पेश किया है। पेटीएम ने आधिकारिक तौर पर ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ (Paytm Pocket Money) फीचर लॉन्च कर दिया है। इस नए फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब 13 से 18 साल के टीनेजर्स बिना अपना खुद का बैंक अकाउंट खोले भी बेहद आसानी से और स्वतंत्र रूप से यूपीआई (UPI) पेमेंट्स कर सकेंगे।
कंपनी ने इस फीचर को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा हाल ही में पेश किए गए ‘यूपीआई सर्कल’ (UPI Circle) फ्रेमवर्क के तहत विकसित किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया से सुरक्षित तरीके से जोड़ना और उनमें जिम्मेदारी से पैसे खर्च करने की आदत डालना है।
टीनेजर्स को वित्तीय स्वतंत्रता, लेकिन कंट्रोल रहेगा पेरेंट्स के हाथ
पेटीएम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ का उद्देश्य टीनेजर्स को सीमित वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Freedom) देना है, ताकि वे अपने रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बन सकें। हालांकि, सुरक्षा और फिजूलखर्ची को रोकने के लिए इस फीचर में पेरेंट्स या परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को पूरी नियंत्रण शक्ति (Spending Controls) दी गई है।
इस फीचर के एक्टिवेट होने के बाद टीनेजर्स को स्कूल या कॉलेज की कैंटीन में पेमेंट करने, मेट्रो की सवारी, ऑटो या कैब का किराया देने, मोबाइल रिचार्ज करने या ऑफलाइन व ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए बार-बार अपने पेरेंट्स से पैसे मांगने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने खुद के स्मार्टफोन में पेटीएम ऐप का इस्तेमाल करके सीधे क्यूआर कोड स्कैन कर पेमेंट कर सकेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए उन्हें न तो नकदी (Cash) रखने की जरूरत होगी और न ही हर पेमेंट के लिए पेरेंट्स के फोन पर आने वाले ओटीपी (OTP) की अनुमति का इंतजार करना होगा।
कैसे काम करता है ‘पेटीएम पॉकेट मनी’?
‘पेटीएम पॉकेट मनी’ पूरी तरह से एनपीसीआई (NPCI) के यूपीआई सर्कल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है। इसमें परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य (जिसका बैंक अकाउंट पहले से ही पेटीएम यूपीआई से लिंक है) ‘प्राइमरी यूजर’ (Primary User) की भूमिका निभाता है। वहीं, टीनेजर बच्चा एक ‘सेकेंडरी यूजर’ (Secondary User) के रूप में काम करता है।
इस फीचर को शुरू करने की प्रक्रिया बेहद आसान है:
- पेरेंट्स को अपने पेटीएम ऐप के लेटेस्ट वर्जन पर जाना होगा।
- ऐप के भीतर ‘टू मोबाइल / कॉन्टैक्ट’ सेक्शन में ‘पॉकेट मनी’ का विकल्प चुनना होगा।
- इसके बाद वे अपने बच्चे के कॉन्टैक्ट नंबर, यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड को स्कैन करके उसे इनवाइट भेज सकते हैं।
- पेरेंट्स को बच्चे के लिए एक मंथली लिमिट (मासिक खर्च सीमा) तय करनी होगी और अपने पेटीएम यूपीआई पिन के जरिए सेटअप पूरा करना होगा।
- जैसे ही बच्चा अपने फोन पर इस इनविटेशन को स्वीकार करेगा, फीचर तुरंत एक्टिवेट हो जाएगा। इसके बाद पैसे सीधे पेरेंट्स के लिंक किए गए सेविंग्स या करंट अकाउंट से कटेंगे, लेकिन पेमेंट बच्चा अपने फोन से कर पाएगा।
ट्रांजैक्शन लिमिट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पेटीएम और एनपीसीआई ने ‘पॉकेट मनी’ फीचर के तहत खर्चों की एक सख्त सीमा तय की है। नियमों के मुताबिक, इस फीचर के जरिए किसी भी एक ट्रांजैक्शन (Individual Transaction) की अधिकतम सीमा ₹5,000 तय की गई है। वहीं, पूरे यूपीआई नेटवर्क पर एक महीने में इस फीचर के जरिए अधिकतम ₹15,000 तक ही खर्च किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, सुरक्षा की कई अन्य परतें (Safety Layers) भी जोड़ी गई हैं। उदाहरण के लिए, जब यह फीचर पहली बार एक्टिवेट होगा, तो शुरुआती 30 मिनट के दौरान बच्चा केवल ₹500 तक का ही पेमेंट कर सकेगा। वहीं, पहले 24 घंटों के लिए कुल खर्च की सीमा ₹5,000 तक सीमित रहेगी। किसी भी प्रकार के फ्रॉड से बचने के लिए टीनेजर के फोन में डिवाइस लॉक (जैसे फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या पिन) होना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, इस फीचर के जरिए किसी भी तरह का इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन (अंतरराष्ट्रीय भुगतान) या एटीएम/कैश विड्रॉल (नकद निकासी) करने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।
‘स्पेंड समरी’ से पेरेंट्स रख सकेंगे हर खर्च पर रियल-टाइम नजर
पेटीएम ने इस फीचर को अपने खास टूल ‘पेटीएम स्पेंड समरी’ (Paytm Spend Summary) से भी लिंक किया है। इसके जरिए पेरेंट्स को उनके बच्चे द्वारा किए गए हर एक ट्रांजैक्शन की रीयल-टाइम जानकारी (Real-time Visibility) मिलती रहेगी। पेरेंट्स जब चाहें अपने ऐप से यह देख सकते हैं कि बच्चे ने कब, कहां और कितने पैसे खर्च किए हैं।
यह टूल खर्चों को अलग-अलग कैलेगोरी (जैसे फूड, ट्रैवल, शॉपिंग) में बांट देता है, जिससे परिवारों को पॉकेट मनी मैनेज करने और बच्चों को पैसों की अहमियत समझाने में मदद मिलती है। अगर पेरेंट्स को कभी भी ऐसा लगता है कि बच्चा गलत जगह पैसे खर्च कर रहा है, तो वे अपने पेटीएम यूपीआई पिन का इस्तेमाल करके खर्च की सीमा को तुरंत बदल सकते हैं या बच्चे का एक्सेस (Access) हमेशा के लिए ब्लॉक या पॉज कर सकते हैं।
पेटीएम के प्रवक्ता ने इस लॉन्चिंग पर खुशी जताते हुए कहा, “पेटीएम पॉकेट मनी के साथ किशोर बिना बैंक खाते के भी डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया का सुरक्षित अनुभव ले सकते हैं, जबकि उनके अभिभावकों का नियंत्रण पूरी तरह बना रहता है। यह पारंपरिक पॉकेट मनी को एक सुरक्षित डिजिटल फॉर्मेट में बदलता है और परिवारों को बच्चों में कम उम्र से ही जिम्मेदार वित्तीय आदतें विकसित करने में मदद करता है।”