पापमोचनी एकादशी 2026: जानें पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को, शुभ मुहूर्त, पारण समय, कथा और पूजा विधि। पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए इस व्रत का महत्व।
इस साल पापमोचनी एकादशी 2026 का व्रत 15 मार्च 2026 को रखा जाएगा। यह व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है और इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी माना गया है। भविष्य पुराण के अनुसार, इस व्रत को भक्तिभाव से रखने वाले व्यक्ति को न केवल इस जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि पिछले सात जन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं।
पापमोचनी एकादशी 2026 मुहूर्त
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एकादशी प्रारंभ: 14 मार्च 2026 सुबह 08:10 बजे
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एकादशी समाप्त: 15 मार्च 2026 सुबह 09:16 बजे
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पूजा मुहूर्त: सुबह 08:01 – दोपहर 12:30
पापमोचनी एकादशी व्रत पारण
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पारण तिथि: 16 मार्च 2026
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पारण समय: सुबह 06:30 – 08:54
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द्वादशी समाप्ति समय: सुबह 09:40
पापमोचनी एकादशी की कथा
पद्म पुराण के अनुसार, प्राचीन समय में च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी ऋषि कठोर तपस्या कर रहे थे। उसी समय स्वर्ग की अप्सरा मंजुघोषा उनकी तपस्या भंग करने आई। उनके सौंदर्य और संगीत के प्रभाव से ऋषि का तप भंग हुआ। अपनी भूल का एहसास होने पर उन्होंने पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा और इसके प्रभाव से सभी पाप नष्ट हो गए तथा पुनः तपस्या की शक्ति प्राप्त हुई।
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पापमोचनी एकादशी पूजा विधि और उपाय
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दान करना: इस दिन तिल, गुड़, जल, अन्न और वस्त्र का दान शुभ माना जाता है।
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तुलसी पूजन: तुलसी के पौधे को जल अर्पित कर दीपक जलाना चाहिए, जिससे जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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विष्णु सहस्रनाम पाठ: मन और आत्मा की शुद्धि के लिए यह पाठ करना लाभकारी है।
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पीपल के पेड़ के नीचे दीपक: सरसों के तेल का दीपक जलाने से पितृ दोष दूर होता है।
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भजन, कीर्तन और ध्यान: रात को भगवान विष्णु के भजन, कीर्तन और ध्यान करने से आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और आर्थिक तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
पापमोचनी एकादशी के व्रत से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि जीवन में सौभाग्य, सुख-समृद्धि और शांति भी आती है।