पालम अग्निकांड: पालम में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री और मंत्री आशीष सूद ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जबकि दमकल विभाग पर बचाव में विफलता का आरोप है।
पालम अग्निकांड: पालम में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की दुखद मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस मामले में सरकार ने SDM जांच शुरू होने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
हालांकि, मुख्यमंत्री और मंत्री आशीष सूद ने खुद को जांच अधिकारी घोषित कर, अपनी रिपोर्ट पेश करना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर हुई एक युवक की मौत के मामले में मंत्री तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी रिपोर्ट पेश की थी।
पालम में 18 मार्च को भीषण अग्निकांड हुआ और इसमें 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सरकार ने कहा कि इस अग्निकांड की जांच के लिए SDM की जांच शुरू हो गई है लेकिन अभी तक कुछ सामने नहीं आया है।
लेकिन इस मामले में मुख्यमंत्री जी और मंत्री आशीष सूद जांच अधिकारी बन गए और अपनी जांच… pic.twitter.com/cQ3tRMBAY7
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) March 26, 2026
पालम अग्निकांड में दमकल विभाग पर समय पर 9 लोगों को बचाने में विफल रहने का आरोप लग रहा है। इसके बावजूद मंत्री ने स्थिति को लेकर मृतकों के परिवार को ही दोषी ठहराने की कोशिश की। इससे जनता और पीड़ित परिवारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
also read: संजीव झा ने उठाए भाजपा विधायकों की पुलिस सुरक्षा मांग पर…
AAP नेताओं का कहना है कि इस तरह की त्रासदी में सत्य, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है। मंत्री और अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाय, दोष मढ़ना स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने मृतकों के परिवारों के साथ न्याय सुनिश्चित करने और स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि राजधानी में नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन कितना जिम्मेदार और सतर्क है।