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हरियाणा सरकार की निरोगी हरियाणा योजना ने रचा इतिहास। 21 अप्रैल 2026 तक 1 करोड़ अंत्योदय लाभार्थियों की स्क्रीनिंग और 5.86 करोड़ से अधिक लैब टेस्ट निःशुल्क किए गए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार के प्रमुख निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘निरोगी हरियाणा’ ने प्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। प्रदेश के अंत्योदय परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 1 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
अंत्योदय परिवारों के लिए वरदान बनी योजना
हरियाणा सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 21 अप्रैल, 2026 तक इस योजना के अंतर्गत 1,00,07,430 लाभार्थियों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अंत्योदय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि उन्हें महंगी जांचों के लिए अपनी जेब से खर्च न करना पड़े। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ रहे और बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में ही हो सके।
5.86 करोड़ से अधिक लैब टेस्ट पूरी तरह निःशुल्क
इस योजना की सबसे बड़ी सफलता इसके निःशुल्क डायग्नोस्टिक सेवाओं में देखी गई है। अब तक लाभार्थियों के 5,86,60,875 लैब टेस्ट पूरी तरह से मुफ्त किए गए हैं। इन टेस्टों के माध्यम से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव हो पाई है। मुफ्त टेस्ट की इस सुविधा ने हजारों गरीब परिवारों को बड़े आर्थिक बोझ से बचाया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों तक व्यापक हुई है।
बीमारियों की समय पर पहचान और बेहतर उपचार
‘निरोगी हरियाणा’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बीमारियों का समय पर पता लगाकर मृत्यु दर में कमी लाना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना है। स्क्रीनिंग के बाद, जिन रोगियों में किसी बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं, उन्हें तत्काल सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जाता है। इस पहल ने न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया है, बल्कि राज्य में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च को कम करने में भी मदद की है।