दिल्ली में जन्मे निखिल चौधरी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय टी20 डेब्यू किया। जानिए उनके संघर्ष, भारत से ऑस्ट्रेलिया तक के सफर और करियर के बारे में पूरी जानकारी।
बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली 2-1 की ऐतिहासिक हार के बाद, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम अब टी20 प्रारूप में अपनी साख बचाने और जीत की पटरी पर लौटने के इरादे से मैदान में है। बुधवार को चटोग्राम में तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी की शुरुआत की और अपने दल में दो नए खिलाड़ियों—निखिल चौधरी और जोएल डेविस—को अंतरराष्ट्रीय कैप सौंपकर डेब्यू का मौका दिया। इस मैच में निखिल चौधरी का पदार्पण विशेष रूप से सुर्खियां बटोर रहा है।
निखिल चौधरी का ऐतिहासिक कारनामा
निखिल चौधरी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। वे ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले केवल तीसरे भारत में जन्मे क्रिकेटर बन गए हैं। उनसे पहले केवल रेक्स सेलर्स (गुजरात में जन्मे) और लीसा स्थालेकर (पुणे में जन्मीं) ही भारत में जन्म लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर पाए थे। 30 वर्षीय निखिल चौधरी का यह सफर संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक अनूठी दास्तान है।
दिल्ली से क्वींसलैंड तक का सफर
निखिल चौधरी का जन्म दिल्ली में हुआ था। ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने से पहले वे भारत में घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने पंजाब के लिए 2017 से 2019 के बीच 14 मैच खेले, जिसमें दो लिस्ट-ए और 12 टी20 मैच शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय टीम के वर्तमान कप्तान शुभमन गिल और टी20 विशेषज्ञ अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था।
निखिल के ऑस्ट्रेलिया जाने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। साल 2020 में वे अपने अंकल से मिलने क्वींसलैंड गए थे, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण लगे यात्रा प्रतिबंधों के चलते वे वापस नहीं लौट सके। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ही अपना क्रिकेट करियर बनाने का फैसला किया। हालांकि, उनके पास वर्तमान में केवल एक अस्थायी कार्य वीजा (temporary work visa) है जो 2027 तक वैध है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में पांच साल रहने के कारण वे वहां के लिए खेलने के पात्र हो गए।
बिग बैश लीग और घरेलू क्रिकेट में चमक
निखिल चौधरी का चयन यूं ही नहीं हुआ है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की घरेलू बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हरिकेंस के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। वे वर्तमान में तस्मानिया के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें चयनकर्ताओं की नजरों में ला खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता टोनी डोडमेडे ने बताया कि निखिल काफी समय से उनके रडार पर थे। ट्रैविस हेड को आराम दिए जाने के बाद टी20 टीम में एक स्थान खाली हुआ और निखिल को उसमें शामिल कर लिया गया।
टोनी डोडमेडे ने कहा, “निखिल लंबे समय से राष्ट्रीय रुचि के खिलाड़ी रहे हैं। वे इस बांग्लादेश दौरे के लिए स्टैंडबाय खिलाड़ी थे और उन्होंने ब्रिस्बेन में प्री-सीजन कैंप में भी भाग लिया था। चयन समिति उनके बीबीएल फॉर्म से काफी प्रभावित थी, जिसने उन्हें टीम में जगह दिलाई।”
ऑस्ट्रेलिया के लिए नई उम्मीद
वनडे सीरीज में बांग्लादेश के हाथों करारी शिकस्त के बाद, ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह टी20 सीरीज बेहद महत्वपूर्ण है। निखिल चौधरी जैसे ऑलराउंडर का टीम में होना, जो स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं, टीम को संतुलन प्रदान करता है। चटोग्राम में उनका पदार्पण भारतीय प्रशंसकों के लिए भी गर्व का विषय है। दिल्ली के गलियों से निकलकर ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय जर्सी पहनने तक का उनका सफर उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।
अब क्रिकेट जगत की निगाहें निखिल चौधरी के प्रदर्शन पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय टी20 दौरे पर अपनी स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजी कौशल से ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा पाते हैं। टी20 प्रारूप में उनका यह अनुभव ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल, निखिल का यह डेब्यू पूरे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशंसक इस नए ‘भारत-ऑस्ट्रेलियाई’ सितारे के शानदार करियर की कामना कर रहे हैं।