आईटी इंडेक्स में जोरदार रिकवरी! इंफोसिस, टीसीएस जैसे आईटी शेयरों में 5% तक की तेजी। जानिए क्यों एआई का डर अब अवसर बन रहा है।
भारतीय शेयर बाजार में जहाँ एक तरफ बैंकिंग, फार्मा और ऑटो जैसे प्रमुख सेक्टर दबाव में दिख रहे हैं, वहीं आईटी (IT) सेक्टर ने पूरी तरह से बाजी पलट दी है। मंगलवार को आईटी शेयरों में आई जबरदस्त खरीदारी ने न केवल निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, बल्कि भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा भी दिया है। इंफोसिस और टीसीएस (TCS) जैसे दिग्गजों की अगुवाई में ‘निफ्टी आईटी’ इंडेक्स 4 फीसदी से अधिक उछलकर 31,200 के स्तर को पार कर गया है। यह उछाल इस बात का सबूत है कि बाजार में आईटी शेयरों के प्रति भरोसा एक बार फिर लौट आया है।
तीन दिनों में 8 फीसदी का शानदार रिकवरी
पिछले तीन कारोबारी सत्रों पर नजर डालें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स ने एक मजबूत ‘कमबैक’ किया है। 29 मई को यह इंडेक्स 29,080 के स्तर पर था, जो 2 जून तक बढ़कर 31,244 के पार पहुँच गया। इस दौरान इंडेक्स ने 2,160 से अधिक अंक जोड़े हैं। तेजी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां 29 मई को यह बढ़त केवल 0.6 फीसदी थी, वहीं 2 जून तक आते-आते यह बढ़कर 4.66 फीसदी के पार हो गई। निवेशकों का भारी पैसा तकनीकी शेयरों की ओर मुड़ रहा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर एआई (AI) आधारित रैली को माना जा रहा है।
‘सास-पोकलिप्स’ का डर और वास्तविकता
साल की शुरुआत में एआई कंपनियों जैसे ओपनएआई और एंथ्रोपिक द्वारा नए टूल लॉन्च किए जाने के बाद बाजार में एक तरह का डर फैल गया था। इसे ‘सास-पोकलिप्स’ (SaaS-ocalypse) का नाम दिया गया था, जिसका अर्थ था कि एआई आने वाले समय में सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) कंपनियों की मांग को पूरी तरह खत्म कर देगा। हालांकि, CLSA की हालिया रिपोर्ट “हाउ मच सास-पोकलिप्स इज रियल” ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि तकनीकी कंपनियों की नवीनतम तिमाही कमाई से यह स्पष्ट है कि एआई का सॉफ्टवेयर की मांग पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। उल्टा, एआई के कारण एआई उत्पादों और सेवाओं की मांग में और अधिक वृद्धि की संभावना दिख रही है।
क्या आईटी शेयरों में और तेजी बाकी है?
बाजार के विशेषज्ञ और CLSA के चार्टिस्ट लॉरेंस बालान्को का मानना है कि आईटी शेयरों में अभी और तेजी की गुंजाइश है। सीएनबीसी-टीवी18 के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि आईटी शेयरों में ‘मीन रिवर्जन’ (mean reversion) का दौर चल रहा है। उन्होंने बताया, “मई के निचले स्तरों के बाद से हमने गति में सुधार देखा है। यदि हम मीन रिवर्जन के नजरिए से देखें और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज तक की रिकवरी का आकलन करें, तो अभी भी इन शेयरों में करीब 12.5 फीसदी की और तेजी की संभावना बाकी है।” यह विश्लेषण उन निवेशकों के लिए उत्साहजनक है जो अब भी आईटी सेक्टर में दांव लगाने की सोच रहे हैं।
दिग्गजों के साथ मिडकैप का भी दम
आईटी इंडेक्स में आई इस रैली में केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप शेयर भी बराबर के भागीदार रहे हैं। इंफोसिस और टीसीएस के 5 फीसदी से ज्यादा उछलने के अलावा, एम्फैसिस (Mphasis) और एलटीएम लिमिटेड जैसे शेयरों ने भी करीब 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। व्यापक बाजार (broader market) में अन्य सेक्टरों की ‘ब्लीडिंग’ यानी भारी बिकवाली के बीच आईटी का यह प्रदर्शन एक ‘डिफेंसिव’ निवेश के तौर पर उभरकर सामने आया है।
एआई क्रांति ही नया इंजन है
आईटी शेयरों का यह प्रदर्शन स्पष्ट करता है कि तकनीक के भविष्य को लेकर जो डर फैला था, वह अब अवसर में बदल रहा है। एआई केवल एक डर नहीं, बल्कि एक नया इंजन है जो सॉफ्टवेयर कंपनियों की विकास दर को आने वाले समय में और बढ़ाएगा। बाजार ने अब यह मान लिया है कि एआई और पारंपरिक आईटी सेवाओं का मिश्रण ही अगले दशक की विकास गाथा लिखेगा।
निवेशकों को इस सेक्टर में बने रहने के लिए अब डर के बजाय डेटा और रिपोर्ट के तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि बाजार के अन्य सेक्टर दबाव में हैं, लेकिन आईटी की यह ‘यू-टर्न’ रणनीति भारतीय निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो को संतुलित करने का एक बेहतरीन मौका साबित हो रही है। यदि लॉरेंस बालान्को का विश्लेषण सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में आईटी इंडेक्स और नई ऊंचाइयों को छू सकता है।