निक मैडिन्सन Record: 10 साल बाद टेस्ट टीम में लौटे निक मैडिन्सन, 33 गेंदों पर डक होकर बनाया अनचाहा रिकॉर्ड

निक मैडिन्सन Record: 10 साल बाद टेस्ट टीम में लौटे निक मैडिन्सन, 33 गेंदों पर डक होकर बनाया अनचाहा रिकॉर्ड

 

निक मैडिन्सन ने 10 साल से ज्यादा समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 33 गेंदों पर बिना रन बनाए आउट हो गए। जानिए उन्होंने कौन-सा अनचाहा रिकॉर्ड बनाया।

ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज निक मैडिन्सन ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को एक दशक से अधिक समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, लेकिन उनका यह कमबैक यादगार प्रदर्शन के बजाय एक अनचाहे रिकॉर्ड के कारण चर्चा में आ गया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच की पहली पारी में मैडिन्सन अपना खाता तक नहीं खोल सके। वह 33 गेंदों का सामना करने के बाद शून्य पर आउट हो गए। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मार्को यानसन ने उनकी पारी का अंत किया। इस दौरान मैडिन्सन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में बतौर ओपनर शून्य पर आउट होने से पहले सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले बल्लेबाज के लिए यह शुरुआत निराशाजनक रही, लेकिन उनकी पारी ने टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों में एक नया और अनचाहा अध्याय जोड़ दिया।

10 साल से ज्यादा समय बाद टेस्ट टीम में वापसी

निक मैडिन्सन की टेस्ट टीम में वापसी लंबे इंतजार के बाद हुई। शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। एक दशक से ज्यादा समय बाद टेस्ट क्रिकेट में उतरना उनके लिए करियर का अहम मौका था। आमतौर पर इतने लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले खिलाड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। मैडिन्सन के सामने भी खुद को साबित करने की चुनौती थी। हालांकि, पहली पारी में वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। उन्होंने क्रीज पर समय बिताने और गेंदबाजों का सामना करने की कोशिश की, लेकिन रन बनाने में सफल नहीं हो सके। आखिरकार 33 गेंदें खेलने के बाद उन्हें बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौटना पड़ा। इस तरह उनकी वापसी की पारी का अंत निराशाजनक तरीके से हुआ।

मार्को यानसन ने तोड़ा मैडिन्सन का डिफेंस

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के दौरान दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज मार्को यानसन ने मैडिन्सन को आउट किया। पारी के 11वें ओवर की दूसरी गेंद पर यानसन ने उनकी रक्षात्मक तकनीक को भेद दिया और उन्हें खाता खोलने का मौका दिए बिना पवेलियन भेज दिया। मैडिन्सन ने आउट होने से पहले कुल 33 गेंदों का सामना किया था। टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज के लिए शुरुआती ओवरों में टिके रहना महत्वपूर्ण होता है, खासकर जब नई गेंद से तेज गेंदबाज लगातार दबाव बना रहे हों। मैडिन्सन ने काफी गेंदें खेलीं, लेकिन वह इस संघर्ष को रन में नहीं बदल सके। यानसन की गेंद पर उनका आउट होना ऑस्ट्रेलियाई पारी के शुरुआती हिस्से का अहम घटनाक्रम रहा। इस विकेट के साथ दक्षिण अफ्रीका को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली, जबकि मैडिन्सन के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे कोई भी बल्लेबाज अपने करियर की उपलब्धियों में शामिल नहीं करना चाहेगा।

33 गेंदों पर शून्य, ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट ओपनर का अनचाहा रिकॉर्ड

निक मैडिन्सन अब ऑस्ट्रेलिया के उन टेस्ट ओपनरों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने बिना रन बनाए आउट होने से पहले सबसे ज्यादा गेंदों का सामना किया। उन्होंने 33 गेंदें खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया। इस मामले में उन्होंने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ दिया है। वॉर्नर ने जनवरी 2022 में होबार्ट में खेले गए टेस्ट मैच की पहली पारी में 22 गेंदों का सामना करने के बाद अपना विकेट गंवाया था और वह भी खाता नहीं खोल सके थे। अब मैडिन्सन की 33 गेंदों की पारी इस सूची में सबसे ऊपर पहुंच गई है। यह आंकड़ा बताता है कि मैडिन्सन ने आउट होने से पहले क्रीज पर काफी समय बिताया, लेकिन वह रन बनाने में पूरी तरह असफल रहे। क्रिकेट में शून्य पर आउट होने को डक कहा जाता है। हालांकि, हर डक एक जैसा नहीं होता। कुछ बल्लेबाज पहली ही गेंद पर आउट हो जाते हैं, जबकि कुछ काफी गेंदें खेलने के बावजूद खाता नहीं खोल पाते। मैडिन्सन का मामला दूसरी श्रेणी में आता है।

डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड टूटा

मैडिन्सन से पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड था। उन्होंने जनवरी 2022 में होबार्ट में खेले गए टेस्ट की पहली पारी में 22 गेंदों का सामना किया था और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए थे। मैडिन्सन ने इस आंकड़े को 11 गेंदों से पीछे छोड़ दिया। हालांकि, यह तुलना केवल ऑस्ट्रेलिया के उन टेस्ट ओपनरों के संदर्भ में है, जो शून्य पर आउट हुए और जिनकी पारी में सामना की गई गेंदों की संख्या दर्ज है। इस रिकॉर्ड का अर्थ यह नहीं है कि मैडिन्सन ने खराब बल्लेबाजी के हर पहलू में कोई नया रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि यह एक विशिष्ट सांख्यिकीय उपलब्धि है। इसके बावजूद, टेस्ट टीम में वापसी के दिन ऐसा रिकॉर्ड बनना उनके लिए निराशाजनक रहा होगा।

वापसी के मौके को यादगार नहीं बना सके मैडिन्सन

निक मैडिन्सन के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह टेस्ट मैच अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर था। एक दशक से अधिक समय बाद ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट प्लेइंग इलेवन में लौटना अपने आप में बड़ी बात है। लेकिन पहली पारी में 33 गेंदों पर शून्य ने उनकी वापसी की कहानी को अलग मोड़ दे दिया। हालांकि, एक पारी किसी खिलाड़ी की पूरी क्षमता या करियर का मूल्यांकन नहीं कर सकती। टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और वापसी के बाद लय हासिल करने में समय लग सकता है। मैडिन्सन के पास आगे के मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करके इस निराशाजनक शुरुआत की भरपाई करने का अवसर रहेगा। फिलहाल, डरबन टेस्ट में उनकी 33 गेंदों की डक ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट इतिहास के एक अनचाहे रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो गई है।

 

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