NEET पेपर लीक के खिलाफ CJP के दिल्ली प्रदर्शन के बीच युवराज सिंह और शिखर धवन ने छात्रों से धैर्य व संवाद की अपील की है। वहीं, PM मोदी ने दोषियों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान किया और दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा।
नई दिल्ली में 20 जुलाई से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही है। इस बीच, देश के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह और शिखर धवन ने प्रभावित छात्रों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करते हुए शांति, धैर्य और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: केंद्र और पुलिस से मांगा जवाब
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्यधिक बल प्रयोग और लाठीचार्ज के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने संज्ञान लिया है। बुधवार को जनहित याचिकाओं (PILs) पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, उच्च न्यायालय ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और जांच में पारदर्शिता बनी रहे।
‘धैर्य और सरकारी संस्थानों पर विश्वास रखें’ — शिखर धवन
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए युवाओं के सपनों को समझने की बात कही, लेकिन साथ ही कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी।
धवन ने लिखा:
“युवा हमारे देश का भविष्य हैं। उनके सपनों को समझना बेहद आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतीपूर्ण समय में धैर्य बनाए रखना और देश के संस्थानों व सरकार पर विश्वास रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि हर समस्या का समाधान धैर्य से ही निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ा है और आगे भी बढ़ता रहेगा।”
‘संवाद से ही निकलेगा सौहार्दपूर्ण समाधान’ — युवराज सिंह
भारत के पूर्व महान ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए छात्रों और प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई और हिंसा की जगह शांतिपूर्ण बातचीत का समर्थन किया।
युवराज सिंह ने लिखा:
“हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष के लिए: आप शांति से सीखने, सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर पाने के हकदार हैं। आपकी भलाई ही एक उज्ज्वल भारत की नींव है। आइए हम सब मिलकर अवसर, उम्मीद और देखभाल का माहौल बनाएं। संवाद और बातचीत के माध्यम से ही हम भारत के बेहतर भविष्य के लिए एक सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुंच सकते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी का सख्त संदेश: ‘युवाओं का भविष्य हमारी पहली प्राथमिकता’
छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के युवाओं का कल्याण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो भी उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की:
फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना: पेपर लीक और परीक्षा धांधली में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द और कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें (Fast-Track Courts) गठित करने का फैसला लिया गया है।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन: सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
संवाद और न्याय की ओर बढ़ते कदम
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब न केवल बॉलीवुड और खेल जगत की शीर्ष हस्तियों का ध्यान खींच रहा है, बल्कि न्यायपालिका और केंद्र सरकार के स्तर पर भी इस पर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। युवराज सिंह और शिखर धवन जैसे खेल दिग्गजों की अपील यह दर्शाती है कि देश का हर वर्ग युवाओं के साथ खड़ा है, और अब सभी की निगाहें सरकार द्वारा फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से मिलने वाले त्वरित न्याय पर टिकी हैं।