NCR का दायरा नहीं बदलेगा, 42वीं बोर्ड बैठक में बड़ा निर्णय; ‘नमो सिटी’ से संवरेगा भविष्य का शहरी ढांचा

NCR का दायरा नहीं बदलेगा, 42वीं बोर्ड बैठक में बड़ा निर्णय; 'नमो सिटी' से संवरेगा भविष्य का शहरी ढांचा

 

NCRPB की 42वीं बैठक में बड़ा फैसला: NCR की सीमाएं यथावत रहेंगी। रीजनल प्लान-2041 और 4 नई ‘नमो सिटी’ के विकास पर लगी मुहर।

 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं उच्च-स्तरीय बैठक में दिल्ली-NCR के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

NCR की सीमाएं रहेंगी यथावत

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि NCR के भौगोलिक विस्तार में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सीमाओं को ही बरकरार रखा जाएगा। यह निर्णय क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और चल रही विकास परियोजनाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

‘रीजनल प्लान-2041’ पर मंथन

बैठक के केंद्र में ‘रीजनल प्लान-2041’ था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2041 तक NCR की जनसंख्या 7.86 करोड़ से बढ़कर लगभग 14.73 करोड़ हो जाएगी। इस बढ़ती आबादी और शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और टिकाऊ विकास (Sustainable Development) के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

4 नई ‘नमो सिटी’ का होगा निर्माण

भविष्य के शहरी विकास को गति देने के लिए एक अभिनव पहल की गई है। रीजनल प्लान-2041 के तहत चार नई ‘नमो सिटी’ विकसित की जाएंगी। इनकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित होंगी:

  • रणनीतिक स्थान: ये शहर ‘रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम’ (RRTS) यानी नमो भारत कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों के पास विकसित किए जाएंगे।
  • आधुनिक मॉडल: इन्हें ‘मिक्स्ड-यूज ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) मॉडल पर तैयार किया जाएगा।
  • प्रोत्साहन बजट: इन शहरों के विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जो राज्यों को एक प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।

पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर जोर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सरकार का ध्यान नागरिक-केंद्रित बुनियादी ढांचे पर है। बैठक में बोर्ड ने राज्यों में ‘ग्रीन कवर’ (हरित क्षेत्र) बढ़ाने के लिए ‘ग्रीन कैनोपी क्रेडिट’ जैसी नई योजनाओं को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य शहरी नियोजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना है।

यह बैठक दिल्ली-NCR को आर्थिक रूप से सशक्त और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

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