हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 14 से 17 अक्टूबर तक स्वीडन दौरे पर हैं। इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे में संबोधन के साथ ऊर्जा, रक्षा, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
हरियाणा में निवेश को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर तलाशने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल स्वीडन पहुंच गया है। 14 से 17 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, रक्षा, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और होम फर्निशिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया। इस दौरे का उद्देश्य हरियाणा और स्वीडन के बीच औद्योगिक संबंधों को मजबूत करना, नई तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और संभावित निवेशकों के साथ सहयोग के रास्ते तलाशना है।
इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे को संबोधित करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 15 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे में हिस्सा लेकर संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में नवाचार, तकनीकी विकास और उद्योगों में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। हरियाणा के लिए यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत से संपर्क बढ़ाने और राज्य में निवेश के नए अवसर तलाशने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्वीडन के सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत से होगी बैठक
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में हरियाणा का डेलीगेशन पहुंचा स्वीडन
स्वीडन में भारतीय राजदूत श्री अनुराग भूषण ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। 14 से 17 अक्टूबर तक के दौरे में मुख्यमंत्री 15 अक्टूबर को इंडिया–स्वीडन इनोवेशन डे को संबोधित करेंगे।
इस दौरान स्वीडन के सरकारी प्रतिनिधियों, वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों और संभावित निवेशकों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। ऊर्जा, होम फर्निशिंग, रियल एस्टेट, रक्षा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में निवेश, सिस्टर सिटी साझेदारी, सतत शहरी विकास और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर चर्चा होगी। दौरे में सरकारी स्तर पर संवाद, औद्योगिक बैठकें, बिजनेस राउंडटेबल तथा तकनीकी एवं सतत विकास से संबंधित चर्चाएं होंगी।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 14, 2026
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्वीडन सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, वैश्विक उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेगा। इन बैठकों में दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद के माध्यम से हरियाणा में निवेश की संभावनाओं, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास से जुड़े अवसरों की पहचान करने पर ध्यान दिया जाएगा। इन बैठकों के परिणामों से राज्य में भविष्य की निवेश योजनाओं को दिशा मिल सकती है।
ऊर्जा, रक्षा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश पर चर्चा
स्वीडन यात्रा के दौरान ऊर्जा, होम फर्निशिंग, रियल एस्टेट, रक्षा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सहयोग से हरियाणा के औद्योगिक विकास, तकनीकी क्षमता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
इसके साथ ही सतत शहरी विकास, सिस्टर सिटी साझेदारी और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर भी चर्चा होगी। सिस्टर सिटी साझेदारी के माध्यम से शहरों के बीच अनुभव साझा करने, शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने और विकास की नई योजनाओं पर सहयोग के अवसर तलाशे जा सकते हैं।
सतत विकास और आधुनिक तकनीक पर रहेगा जोर
प्रतिनिधिमंडल के दौरे में तकनीक और सतत विकास से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सरकारी स्तर पर संवाद, औद्योगिक बैठकें और कारोबारी गोलमेज चर्चाएं इस यात्रा का हिस्सा होंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हरियाणा और स्वीडन के बीच नवाचार, आधुनिक तकनीक और टिकाऊ विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
सतत शहरी विकास के तहत शहरों की आधारभूत सुविधाओं, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल विकास मॉडल जैसे विषय महत्वपूर्ण हो सकते हैं। तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान राज्य में विकास परियोजनाओं और औद्योगिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के अवसर भी प्रदान कर सकता है।
हरियाणा में निवेश के नए अवसर तलाशने पर फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वीडन गया प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उद्योग जगत के साथ संवाद के जरिए हरियाणा के लिए नए आर्थिक अवसर तलाशेगा। यात्रा का प्रमुख उद्देश्य राज्य को निवेश के संभावित गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना और विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
14 से 17 अक्टूबर तक होने वाली इस यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों और चर्चाओं के नतीजों पर नजर रहेगी। निवेश प्रस्तावों, समझौतों या परियोजनाओं के संबंध में किसी भी ठोस घोषणा की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।