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कॉमनवेल्थ संसदीय सम्मेलन में सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के राष्ट्र निर्माण में योगदान को सराहा। जानिए क्यों उन्होंने प्रभावी विधायी नेतृत्व और अंत्योदय नीतियों पर दिया जोर।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में ‘कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन’ (CPA) के उत्तरी क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेते हुए सभी प्रतिनिधिमंडलों का हरियाणा की गौरवशाली भूमि पर गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण में हरियाणा के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया और प्रभावी विधायी नेतृत्व (Legislative Leadership) पर विशेष जोर दिया।
“हरियाणा राष्ट्र निर्माण का प्रमुख स्तंभ”
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन में शिरकत करते हुए सभी प्रतिनिधियों का हरियाणा की पावन एवं गौरवशाली भूमि पर स्वागत किया।
“हरियाणा विधानसभा का यह सदन राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का साक्षी बन रहा है।…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 8, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा का यह परिसर एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का गवाह बन रहा है। उन्होंने गर्व के साथ कहा, “हरियाणा की पावन धरा हमेशा से राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सबसे आगे रही है। चाहे कृषि का क्षेत्र हो, खेलों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाना हो, भारतीय सशस्त्र बलों में युवाओं की भागीदारी हो, या फिर उद्योग और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में किए गए प्रयास—हरियाणा ने हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।”
जनहितैषी नीतियों और अंत्योदय का विजन
कॉमनवेल्थ संसदीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने जनप्रतिनिधियों को ‘अंत्योदय’ का मंत्र याद दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें ऐसी नीतियां और निर्णय लेने की आवश्यकता है, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा, “आज की बदलती वैश्विक परिस्थितियों में लोक जागरूकता, सामाजिक भागीदारी और प्रभावी विधायी नेतृत्व की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।”
प्रभावी नेतृत्व और लोकतंत्र की मजबूती
मुख्यमंत्री ने विधायी संस्थाओं को लोकतंत्र की नींव बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि:
- सामाजिक भागीदारी: किसी भी नीति की सफलता में जनता की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
- प्रभावी नीतियां: तकनीक और नवाचार का उपयोग करके नीतियों को जन-सुलभ बनाना वर्तमान समय की मांग है।
- विधायी नेतृत्व: समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विधायिका को एक मार्गदर्शक की भूमिका निभानी होगी।
हरियाणा सरकार के इस विजन को राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। सीएम सैनी ने विश्वास जताया कि इस तरह के क्षेत्रीय सम्मेलनों से विधायी प्रक्रियाओं में सुधार होगा और जनसेवा के कार्यों में नई ऊर्जा का संचार होगा।