Nana Patekar Real Name: नाना पाटेकर का असली नाम था विश्वनाथ, मां की सहेली ने दिया था ऐसा नाम जो बन गई पहचान

Nana Patekar Real Name: नाना पाटेकर का असली नाम था विश्वनाथ, मां की सहेली ने दिया था ऐसा नाम जो बन गई पहचान

 

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। जानिए उनकी मां की सहेली ने उन्हें बचपन में नाना नाम से क्यों बुलाना शुरू किया और कैसे यही नाम उनकी पहचान बन गया।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों के लिए हमेशा पहचाने जाएंगे। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने शानदार योगदान से उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके अभिनय का अंदाज इतना अलग था कि गंभीर किरदारों से लेकर कॉमेडी तक, हर भूमिका में वह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। नाना पाटेकर के निधन की खबर के बीच उनके जीवन से जुड़ी कई पुरानी बातें भी चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक दिलचस्प सवाल है कि आखिर नाना पाटेकर का असली नाम क्या था और वह इस नाम से मशहूर कैसे हुए? बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस नाम से अभिनेता को देश-दुनिया में पहचान मिली, वह उनका जन्म के समय रखा गया नाम नहीं था। अभिनेता का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने एक पुराने इंटरव्यू में अपने नाम के पीछे की कहानी बताते हुए कहा था कि उनकी मां की एक करीबी सहेली उन्हें बचपन से ‘नाना’ कहकर बुलाती थीं। धीरे-धीरे यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि यही उनकी सार्वजनिक और पेशेवर पहचान बन गया।

नाना पाटेकर का असली नाम था विश्वनाथ पाटेकर

नाना पाटेकर को आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में गिना जाता है। लेकिन उनके प्रशंसकों में से कई लोग शायद यह नहीं जानते कि उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। अभिनेता ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने नाम से जुड़ा यह दिलचस्प किस्सा साझा किया था। जब उनसे सीधे उनके असली नाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, “विश्वनाथ। मेरी मां की सहेली मुझे नाना कहती थीं और फिर यही नाम चल पड़ा। अब तो मेरे पासपोर्ट पर भी नाना ही लिखा है।”

उनके इस जवाब से पता चलता है कि बचपन में मिला एक प्यार भरा नाम समय के साथ उनकी स्थायी पहचान बन गया। आमतौर पर फिल्म इंडस्ट्री में कई कलाकार अपने नाम में बदलाव करते हैं या स्क्रीन नेम अपनाते हैं, लेकिन नाना पाटेकर के मामले में यह नाम किसी योजनाबद्ध फैसले का नतीजा नहीं था। यह नाम उनके बचपन से जुड़ा था और लोगों के बीच इतना प्रचलित हो गया कि उनके असली नाम विश्वनाथ की जगह ‘नाना’ ही उनकी पहचान बन गया।

मां की सहेली ने प्यार से बुलाना शुरू किया था ‘नाना’

नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में यह भी बताया था कि उनके नाम के पीछे कोई बहुत जटिल कहानी नहीं है। उनकी मां की एक करीबी सहेली थीं, जिनका उनकी मां के साथ बहनों जैसा रिश्ता था। वह बचपन में उन्हें प्यार से नाना कहकर बुलाती थीं। धीरे-धीरे परिवार और आसपास के लोग भी उन्हें इसी नाम से पुकारने लगे।

बचपन में किसी करीबी व्यक्ति द्वारा दिया गया यह संबोधन आगे चलकर उनके जीवन का सबसे चर्चित नाम बन गया। अभिनेता ने बताया था कि समय बीतने के साथ नाना नाम इतना आम हो गया कि लोग उन्हें इसी नाम से जानने लगे। फिल्मों में आने के बाद भी यही नाम उनके साथ रहा और दर्शकों के बीच उनकी पहचान बन गया।

नाना पाटेकर की इस कहानी में खास बात यह है कि उनका लोकप्रिय नाम किसी प्रचार रणनीति या फिल्मी छवि को ध्यान में रखकर नहीं चुना गया था। यह उनकी निजी जिंदगी से निकला एक सहज और आत्मीय संबोधन था, जो बाद में उनकी पेशेवर पहचान का हिस्सा बन गया।

स्कूल के दिनों में विश्वनाथ या ‘विशु’ नाम से जानते थे लोग

अभिनेता ने अपने नाम के बारे में बात करते हुए यह भी बताया था कि स्कूल के दिनों में उन्हें विश्वनाथ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने ‘विशु’ नाम का भी जिक्र किया था। उनके मुताबिक, यह नाम सुनकर उन्हें स्कूल के पुराने दिनों या मुंबई के सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स से जुड़े समय की याद आ सकती थी।

नाना पाटेकर का जीवन अभिनय की दुनिया में आने से पहले भी कला से जुड़ा रहा। सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स से उनका संबंध उनके रचनात्मक सफर का अहम हिस्सा था। बचपन और पढ़ाई के दौर में विश्वनाथ नाम से पहचाने जाने वाले इस कलाकार को आगे चलकर पूरी दुनिया नाना पाटेकर के नाम से जानने लगी।

नाम के इस बदलाव के बावजूद उनके व्यक्तित्व की मूल पहचान वही रही—एक ऐसे कलाकार की, जो अपने काम को गंभीरता से लेता था और अपने अभिनय से दर्शकों पर असर छोड़ता था। उनके लिए ‘नाना’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि ऐसा संबोधन बन गया था जिसके साथ उनकी पूरी फिल्मी पहचान जुड़ गई।

हिंदी और मराठी सिनेमा में छोड़ी अमिट छाप

नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी अभिनय शैली में स्वाभाविकता, संवाद अदायगी की ताकत और किरदार के भावों को गहराई से प्रस्तुत करने की क्षमता दिखाई देती थी। उन्होंने गंभीर भूमिकाओं के साथ-साथ कॉमेडी में भी अपनी प्रतिभा साबित की। दर्शकों ने उन्हें कई अलग-अलग रूपों में पसंद किया और उनके किरदार लंबे समय तक याद रखे।

उनकी लोकप्रियता की वजह केवल फिल्मों में निभाई गई भूमिकाएं नहीं थीं, बल्कि उनका बेबाक व्यक्तित्व भी था। वह अपनी बात सीधे कहने के लिए जाने जाते थे और कई बार उनके इंटरव्यू भी चर्चा का विषय बन जाते थे। यही वजह है कि उनके जीवन से जुड़े छोटे-छोटे किस्से भी प्रशंसकों के लिए दिलचस्प बने रहते हैं।

निधन के बाद फिर चर्चा में आया नाम का किस्सा

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके प्रशंसक उनके जीवन, करियर और निजी किस्सों को फिर से याद कर रहे हैं। उनके असली नाम से जुड़ी कहानी भी इसी वजह से चर्चा में है। जिस अभिनेता को दुनिया दशकों तक नाना पाटेकर के नाम से जानती रही, उनका जन्म का नाम विश्वनाथ पाटेकर था और ‘नाना’ नाम उन्हें उनकी मां की करीबी सहेली ने बचपन में दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, निधन से पहले नाना पाटेकर ने कई फिल्मों में काम किया था। उनके आगामी प्रोजेक्ट्स में श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘ईठा’ और अनीत पड्डा की ‘शक्ति शालिनी’ का नाम भी शामिल है। इन फिल्मों से जुड़ी जानकारी उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

नाना पाटेकर का नाम अब भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अलग पहचान के साथ दर्ज रहेगा। विश्वनाथ से नाना बनने की उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी जिंदगी में एक छोटा-सा, प्यार से दिया गया नाम भी किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान बन जाता है। उनके अभिनय, किरदार और यादगार संवादों के साथ यह किस्सा भी लंबे समय तक प्रशंसकों को उनकी याद दिलाता रहेगा।

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