धोनी का बड़ा बयान: ‘गायकवाड़ को दी है खुली छूट, मेरे 10 मशवरों में से एक भी न मानें तो भी कोई बात नहीं!’

धोनी का बड़ा बयान: 'गायकवाड़ को दी है खुली छूट, मेरे 10 मशवरों में से एक भी न मानें तो भी कोई बात नहीं!'

 

MS Dhoni on Ruturaj Gaikwad Captaincy: एमएस धोनी ने खुलासा किया है कि उन्होंने कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को अपनी शैली में बिना किसी दबाव के सीएसके का नेतृत्व करने की पूरी आजादी दी है।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के भीतर इस सीजन में भले ही कप्तानी की कमान बदल गई हो, लेकिन टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का प्रभाव और रुतबा आज भी वैसा ही बना हुआ है। पूरे सीजन के दौरान पैर की मांसपेशी (Calf Injury) की चोट से जूझने के बावजूद धोनी न सिर्फ मैदान पर अपना जलवा बिखेर रहे हैं, बल्कि मैदान के बाहर भी नए कप्तान रुतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) के लिए एक मजबूत मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।

रविवार को टीम के अभ्यास सत्र (Practice Session) से पहले धोनी ने खुलकर बात की और बताया कि उन्होंने कप्तानी के मोर्चे पर युवा रुतुराज को क्या सलाह दी है। धोनी ने स्पष्ट किया कि वह गायकवाड़ की नेतृत्व शैली (Leadership Style) को अपने सांचे में नहीं ढालना चाहते, बल्कि वे चाहते हैं कि रुतुराज अपनी खुद की पहचान बनाएं और स्वतंत्र होकर फैसले लें।

‘रुतुराज टीम को अपनी शर्तों पर चलाएं, नकल न करें’ — एमएस धोनी

थाला धोनी ने कप्तानी के इस बदलाव और गायकवाड़ को दिए गए गुरुमंत्र का खुलासा करते हुए कहा, “मैंने रुतु (रुतुराज) से साफ तौर पर कहा था कि वह चेन्नई सुपर किंग्स को उसी तरह चलाएं, जिस तरह से वह खुद चलाना चाहते हैं। मैंने भी बहुत लंबे समय तक सीएसके को इसी तरह चलाया है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां मैदान पर कप्तान को ही अंतिम फैसले लेने होते हैं।”

क्रिकेट और फुटबॉल के अंतर को समझाते हुए धोनी ने आगे कहा, “क्रिकेट में कोच और सपोर्ट स्टाफ जरूर होते हैं जो रणनीति बनाने में मदद करते हैं, लेकिन यह फुटबॉल जैसा खेल नहीं है जहां टचलाइन पर खड़ा मैनेजर सब कुछ तय करता है। क्रिकेट पूरी तरह से कप्तान का खेल है और मैदान के भीतर की परिस्थितियों के अनुसार फैसला लेने का अधिकार पूरी तरह से कप्तान के पास ही होना चाहिए।”

‘सलाह कभी भी आदेश या निर्देश नहीं बननी चाहिए’

महेंद्र सिंह धोनी अपनी शांत और बिना किसी दबाव वाली कप्तानी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने रुतुराज को सलाह देते समय भी इसी दर्शन (Philosophy) का पालन किया है। धोनी का मानना है कि किसी भी सीनियर खिलाड़ी या मेंटॉर की सलाह कभी भी नए कप्तान के लिए मजबूरी या आदेश नहीं बननी चाहिए।

धोनी ने कहा, “मैं चर्चा के लिए हमेशा उपलब्ध रहता हूं। मैं खुद आकर आपसे बात करूंगा, लेकिन आपको मेरी कही हुई एक भी बात मानने की कोई जरूरत नहीं है। मान लीजिए कि मैं आपके पास आता हूं और आपको 10 सलाह देता हूं, अगर आप उनमें से एक को भी फॉलो नहीं करते हैं, तो भी यह पूरी तरह से ठीक है। जब आप टीम के लीडर (नेता) होते हैं, तो जिम्मेदारी भी आपकी होती है। एक कप्तान के रूप में आपको यह देखना होता है कि आपके पास क्या संसाधन (खिलाड़ी) उपलब्ध हैं और आप उनका इस्तेमाल मैदान पर किस तरह करना चाहते हैं।”

क्या है चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की असली फिलॉसफी?

दशकों से चेन्नई सुपर किंग्स की सफलता और उसके फैंस के बीच बनी अटूट दीवानगी के पीछे फ्रेंचाइजी की एक खास कार्यसंस्कृति रही है। धोनी ने सीएसके के इस बुनियादी दर्शन (Philosophy) पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि फ्रेंचाइजी का ध्यान कभी भी बाहरी चकाचौंध पर नहीं, बल्कि हमेशा खेल प्राथमिकताओं पर रहा है।

धोनी ने कहा, “हम एक ऐसी फ्रेंचाइजी हैं जो क्रिकेट पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित करने में विश्वास रखती है। हां, हमें क्रिकेट के इर्द-गिर्द होने वाली बहुत सी अन्य चीजें (जैसे कमर्शियल और प्रमोशनल एक्टिविटीज) भी करनी पड़ती हैं, लेकिन एक टीम के रूप में हम अच्छी तरह जानते हैं कि हमारा मूल तत्व (Essence) सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट ही है। हमें हमेशा अपने इस मूल सिद्धांत से चिपके रहना चाहिए और इसी पर ध्यान देना चाहिए।” धोनी के इस बयान से साफ है कि सीएसके की सफलता का राज उनका सरल दृष्टिकोण और मैदान पर खेल के प्रति उनका समर्पण है, जिसने रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में टीम को एक नए युग में प्रवेश करने में मदद की है।

Related posts

वैभव सूर्यवंशी का अद्भुत उदय: क्या यशसवी जायसवाल को राजस्थान रॉयल्स छोड़ देनी चाहिए? अंबाती रायडू का बड़ा बयान

आईपीएल 2026: बीसीसीआई ने स्मार्ट चश्मों पर लगाई पाबंदी, खिलाड़ियों के लिए ‘स्मार्ट गैजेट्स’ का इस्तेमाल बना चुनौती

आईपीएल 2026: सुरक्षा को लेकर सख्त हुआ बीसीसीआई, खिलाड़ियों के लिए ‘स्मार्ट गैजेट्स’ के इस्तेमाल पर नई एडवाइजरी

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More