मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट और यूपी, राजस्थान समेत पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा रोक दी गई है।
देशभर में मानसून इस समय अपने चरम पर है, जिसके चलते कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। असम जैसे मैदानी राज्यों में जहां बाढ़ के पानी ने लाखों लोगों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने भारी तबाही मचा रखी है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर: 3 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद (NCR) में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई से 3 अगस्त तक पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 30 जुलाई को तेज हवाओं और कड़कती बिजली के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके बाद भी राहत के आसार कम हैं और 3 अगस्त तक हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा। इस बारिश से जहां तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो रहा है।
- पश्चिमी यूपी: मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), अलीगढ़, आगरा और बरेली जैसे जिलों में 30 और 31 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
- पूर्वी यूपी: 2 अगस्त से 4 अगस्त के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में मानसून का दूसरा दौर तेज होगा और झमाझम बारिश होने की पूरी उम्मीद है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलभराव जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान और बिहार: मध्यम से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट
राजस्थान में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से लेकर भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। दूसरी ओर, बिहार में 30 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन 31 जुलाई से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा और राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा।
पहाड़ी राज्यों में आफत: भूस्खलन और चारधाम यात्रा स्थगित
पहाड़ी राज्यों में बारिश का सबसे भयावह असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों के खिसकने और सड़कें बह जाने का खतरा बढ़ गया है।
- उत्तराखंड: राज्य में मूसलाधार बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रसिद्ध ‘चारधाम यात्रा’ को फिलहाल रोक दिया है। 30 जुलाई से 4 अगस्त तक राज्य भर में व्यापक बारिश का अनुमान है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।
- हिमाचल प्रदेश: शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति सहित लगभग सभी जिलों में 30 और 31 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- जम्मू-कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान तेज आंधी और तूफान आने की संभावना जताई गई है, जिससे यातायात और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम के इस बदले रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें, नदी-नालों के करीब न जाएं और मौसम विभाग द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।