देश भर में मानसून सक्रिय! मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों के लिए भारी बारिश, 60 km/h की रफ्तार से हवाएं और हिमाचल में रेड अलर्ट जारी किया है। जानें दिल्ली, UP, बिहार और एमपी समेत अपने राज्य का मौसम।
देश के एक बड़े हिस्से में मानसून इस समय पूरी तरह से मेहरबान और अत्यधिक मजबूत स्थिति में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक देश के अधिकांश राज्यों में बारिश का यह दौर बिना थमे लगातार जारी रहेगा। आज (22 जुलाई) देश के कई राज्यों में अत्यधिक भारी यानी मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने सतर्क किया है कि बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस भीषण मौसम के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मैदानी इलाकों में जलभराव व बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा होने की आशंका है।
किन-किन राज्यों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जुलाई को देश के लगभग हर हिस्से में बादलों की आवाजाही और मूसलाधार बारिश का असर देखने को मिलेगा। जिन प्रमुख राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- उत्तर और मध्य भारत: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा (दिल्ली-NCR सहित)।
- पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर।
- पश्चिम और पूर्वोत्तर: गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्य (विशेषकर असम और मेघालय)।
उत्तर भारत और मैदानी राज्यों का हाल (दिल्ली-NCR, UP, बिहार और पंजाब)
दिल्ली-NCR: राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में आज दिन भर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि, 23 जुलाई से मौसम में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई गई है।
- उत्तर प्रदेश: यूपी के मेरठ, आगरा, प्रयागराज, कौशांबी और आसपास के अधिकांश जिलों में 27 जुलाई तक रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
- बिहार: राजधानी पटना, रोहतास, नवादा समेत कई जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
- पंजाब: राज्य के कई हिस्सों में आज गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी राज्यों में आफत: हिमाचल में रेड अलर्ट, उत्तराखंड और J&K में भूस्खलन का खतरा
- हिमाचल प्रदेश: राज्य के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और चंबा जैसे संवेदनशील जिलों में आज भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा और चंपावत में 22 से 27 जुलाई के बीच मध्यम से भारी बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। पहाड़ों से पत्थर गिरने और लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
- जम्मू-कश्मीर: घाटी और जम्मू संभाग के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने 24 जुलाई तक लगातार बारिश का अलर्ट जारी रखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की हिदायत दी है।
मध्य और पश्चिमी भारत में फिर से एक्टिव हुआ मानसून (MP और राजस्थान)
- राजस्थान: एक छोटे से अंतराल के बाद राजस्थान में मानसून की वापसी हो चुकी है। 22 से 26 जुलाई के दौरान कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
- मध्य प्रदेश: प्रदेश में मानसून का सिस्टम एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भोपाल, नीमच, मंदसौर, उज्जैन (महाकालेश्वर), आगर मालवा, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, रायसेन (सांची), नर्मदापुरम (पचमढ़ी/होशंगाबाद) और नरसिंहपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की पूरी संभावना है।
पूर्वी राज्यों में बारिश की चेतावनी (झारखंड और ओडिशा)
- झारखंड: राज्य के कई जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। राजधानी रांची समेत बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, पलामू और गढ़वा में काले बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश होगी।
- ओडिशा: राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आज से लेकर 27 जुलाई तक लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी गई है।
सावधानियां और सुरक्षा के उपाय
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासनों ने भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है:
- यात्रा से बचें: पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा टालें।
- जलभराव से दूरी बनाएं: मैदानी इलाकों में जलभराव वाली सड़कों और खुले नालों के पास जाने से बचें।
- बिजली के खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ या बिजली के तारों के नीचे आश्रय न लें।